रक्षाबंधन पर महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा की हकीकत जानने मंत्री ओम प्रकाश राजभर आम यात्री बनकर बस में पहुंचे। सीट छोड़कर 47 किमी खड़े रहे।
लखनऊ। रक्षाबंधन पर महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का जमीनी हाल जानने के लिए उत्तर प्रदेश के पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर शुक्रवार को अचानक रोडवेज बस में सवार हो गए। उन्होंने अधिकारियों की रिपोर्ट के बजाय सीधे यात्रियों से बातचीत कर योजना की स्थिति समझने की कोशिश की।
आम यात्री बनकर बस में पहुंचे मंत्री
सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सुबह करीब 11 बजे अंबेडकरनगर से रोडवेज बस में सवार हुए। उन्होंने महिला यात्रियों से मुफ्त यात्रा को लेकर उनकी परेशानियां और अनुभव पूछे। साथ ही रोडवेज कर्मचारियों के व्यवहार और सरकारी निर्देशों के पालन की जानकारी भी ली।
महिलाओं से जाना योजना का हाल
राजभर ने महिलाओं से पूछा कि मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उनके लिए कितनी उपयोगी है। यात्रियों ने अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए। यह निरीक्षण 'अहिल्याबाई होलकर मातृशक्ति यात्रा योजना' के तहत महिलाओं को मिल रही सुविधा का जायजा लेने के लिए किया गया था।
आरक्षित सीट छोड़कर खड़े रहे
बस में पहुंचने पर मंत्री ने देखा कि आरक्षित सीटों पर महिला यात्री बैठी हैं। उन्होंने सीट लेने के बजाय पूरे रास्ते खड़े होकर सफर किया। उनके साथ मौजूद पांच लोगों के टिकट भी उन्होंने खुद लिए। इस वजह से बस में उनका यह सफर यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
47 किलोमीटर तक खड़े होकर सफर
अंबेडकरनगर से अतरौलिया तक करीब 47 किलोमीटर की यात्रा में राजभर आम यात्रियों के बीच रहे। उन्होंने इसी दौरान योजना के क्रियान्वयन का जायजा लिया। मंत्री का यह औचक निरीक्षण रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त यात्रा व्यवस्था के पहले ही दिन हुआ।
खुद खरीदा टिकट
मंत्री ने अपने लिए टिकट लिया और उनके साथ मौजूद स्टाफ ने भी टिकट लेकर यात्रा की। आम यात्री की तरह बस में सफर करने और सीट उपलब्ध होने के बावजूद खड़े रहने के उनके फैसले की यात्रियों के बीच चर्चा होती रही।