मध्यप्रदेश में मानसून का मिजाज इस वक्त थोड़ा अजीब बना हुआ है। एक तरफ भोपाल, सीहोर, राजगढ़ जैसे कुछ जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है, नदियां और नाले उफान पर हैं और कई जगह डैम का जलस्तर भी तेजी से
MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून का मिजाज इस वक्त थोड़ा अजीब बना हुआ है। एक तरफ भोपाल, सीहोर, राजगढ़ जैसे कुछ जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है, नदियां और नाले उफान पर हैं और कई जगह डैम का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां अब तक बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। आज यानी रविवार को सबसे ज्यादा बारिश कहां होने वाली है? क्या भोपाल में फिर तेज बारिश होगी? और बढ़ते जलस्तर के बीच क्या कुछ डैम के गेट खोलने की नौबत आ सकती है?
अबतक 4.2 इंच बारिश
मध्यप्रदेश में पिछले 7 दिनों में औसतन करीब 4.2 इंच बारिश हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक कुल बारिश 21.4 इंच पहुंच गई है।
हालांकि सामान्य तौर पर अब तक करीब 24.4 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश अभी भी करीब 12 फीसदी पीछे है। लेकिन कई जिलों में बारिश की तस्वीर काफी अच्छी है। भोपाल में अब तक 29.8 इंच, जबकि मुरैना में सिर्फ 9.8 इंच बारिश हुई है। भोपाल में पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश का असर बड़े तालाब पर भी दिखाई दिया। सीहोर की तरफ बारिश के बाद कोलांस नदी में पानी बढ़ा और इसका पानी बड़े तालाब में पहुंचा। फिलहाल तालाब फुल टैंक लेवल से करीब डेढ़ फीट नीचे है।
जलाशयों में बढ़ा पानी
वहीं प्रदेश के कोलार, बाणसागर, बरना, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, गांधीसागर और तिघरा जैसे जलाशयों में भी पानी बढ़ा है। अगर बारिश और पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो जिन डैम का जलस्तर तय सीमा के करीब पहुंचेगा, वहां गेट खोलकर पानी छोड़ने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि ये फैसला जलस्तर और पानी की आवक देखकर ही होगा। जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में तेज बारिश का दौर बना रह सकता है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी सिस्टम का असर देखने को मिल सकता है। यानी आज भी कई इलाकों में बारिश से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
यहा हुई कम बारिश
वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिले अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कई जगह सामान्य से कम बारिश हुई है। अगर आने वाले दिनों में इन इलाकों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश का आंकड़ा सुधर सकता है। कुल मिलाकर, MP में कहीं बारिश आफत बन रही है, तो कहीं किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। आने वाला सप्ताह इसलिए भी अहम है, क्योंकि एक तरफ बारिश की कमी वाले जिलों को राहत मिल सकती है और दूसरी तरफ ज्यादा बारिश वाले इलाकों में नदी, नाले और डैम के जलस्तर पर नजर रखनी होगी। तो आज अगर आप घर से निकल रहे हैं, खासकर इन बारिश वाले इलाकों में, तो मौसम का अपडेट जरूर देख लें। मानसून अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।