Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश

300 Year Old Temple Collapses In UP

सावन से पहले ढहा 300 साल पुराना बाबा बैजूनाथ मंदिर, 25 दिन पहले पहुंचे थे CM योगी

सावन से पहले उत्तर प्रदेश में 300 साल पुराना मंदिर अचानक ढह गया। मंदिर के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी सवाल उठ रहे हैं।


सावन से पहले ढहा 300 साल पुराना बाबा बैजूनाथ मंदिर 25 दिन पहले पहुंचे थे cm योगी

Uttar Pradesh News |

लगातार हो रही बारिश ने उत्तर प्रदेश में आफत लाना शुरू कर दिया है। इसी बीच संतकबीरनगर से बड़ी खबर सामने आई है। धनघटा तहसील के बसवारी गांव स्थित करीब 300 साल पुराने बाबा बैजूनाथ मंदिर का बड़ा हिस्सा रविवार दोपहर अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई श्रद्धालु या स्थानीय व्यक्ति घायल नहीं हुआ। घटना ऐसे समय हुई है, जब सावन शुरू होने वाला है और मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की तैयारी थी।

कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी और सावन को देखते हुए परिसर के सौंदर्यीकरण के निर्देश भी दिए थे।

दरारें दिख ने कुछ ही देर में ढह गया मंदिर

रविवार सुबह से इलाके में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। दोपहर में मंदिर के ट्रस्टी को भवन में दरारें दिखाई देने की सूचना मिली। लोग स्थिति का जायजा लेने पहुंचे ही थे कि करीब एक बजे मंदिर के गर्भगृह का गुम्बद और पीछे का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अचानक गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ मिनट पहले ही कई महिलाएं पूजा कर मंदिर से बाहर निकली थीं। इसी वजह से बड़ा हादसा टल गया।

25 जून को पहुंचे थे सीएम योगी

बाबा बैजूनाथ मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। हर साल सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जून को मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा की थी। इस दौरान उन्होंने सावन मेले को देखते हुए मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश भी दिए थे।

प्रशासन ने शुरू कराया मलबा हटाने का काम

मंदिर गिरने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा और धनघटा विधायक गणेश चौहान मौके पर पहुंचे। डीएम ने अधिकारियों को सबसे पहले मलबे के नीचे दबे शिवलिंग को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना प्रभावित न हो। इसके बाद मंदिर के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि लगातार बारिश के कारण मंदिर की पुरानी संरचना कमजोर हो गई थी। प्रशासन पहले शिवलिंग को सुरक्षित स्थान पर स्थापित करेगा और फिर मंदिर का भव्य व सुरक्षित पुनर्निर्माण कराया जाएगा।

Related to this topic: