प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का खुलासा हुआ है। बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर परिवार की हत्या की और बाद में दोस्त ने उसे भी मार डाला।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेस के प्रयागराज में करोड़पति कारोबारी परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मां, पिता और बहन की हत्या परिवार के बड़े बेटे अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर की थी। वारदात के बाद दोनों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के जेवर लूट लिए, लेकिन बाद में बंटवारे को लेकर विवाद हो गया और इसी झगड़े में दोस्त ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।
लूट के बाद दोस्त ने ही मार डाला आरोपी बेटा
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद दोनों आरोपी घर से गहने लेकर भागे थे। लेकिन गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों में विवाद हो गया। इसी दौरान सनी गुप्ता ने अभिषेक पर हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने घर में बाहर से ताला लगाया और लूटे गए जेवर लेकर फरार हो गया। पुलिस ने सनी गुप्ता को हिरासत में लिया है और उसके पास से लूट का माल भी बरामद हुआ है।
प्रॉपर्टी विवाद और नाराजगी बनी हत्या की वजह
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022 में पिता ने बेटे अभिषेक को संपत्ति से बेदखल कर दिया था, जिससे वह नाराज चल रहा था। परिवार में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस का कहना है कि इसी नाराजगी और लालच ने इस खौफनाक वारदात को जन्म दिया।
वारदात के बाद शवों को छिपाने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद शवों को रजाई और कंबल से ढक दिया गया ताकि बदबू बाहर न फैले और वारदात का पता देर से चले। इसके बाद खून के निशान मिटाने के लिए फर्श को पानी, फ्लोर क्लीनर और तेल से साफ करने की कोशिश की गई।
साजिश के तहत लिखी गई कहानी
मौके से पुलिस को एक गत्ता मिला, जिस पर लिखा था “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” जांच में सामने आया है कि यह पुलिस को गुमराह करने के लिए रचा गया एक प्लान था। ताकि शक परिवार की बहू या अन्य रिश्तेदारों पर जाए।
पुलिस कमिश्नर ने बताया पूरा घटनाक्रम
पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि 31 मई की दोपहर अभिषेक ने अपने दोस्त सनी को बुलाया था। दोनों ने पहले साथ बैठकर शराब और स्नैक्स लिए और हत्या की योजना बनाई। इसके बाद घर में घुसकर पहले बहन पर हमला किया गया, फिर मां और पिता की हत्या की गई। बाद में गहने लूटे गए और शवों को छिपाने की कोशिश की गई।
रातभर घर में रहा आरोपी
वारदात के बाद आरोपी ने पूरी रात घर में रहकर सबूत मिटाने की कोशिश की और सुबह सामान्य तरीके से बाहर निकला। इसके बाद लूट का सामान अपने ठिकाने पर पहुंचाया गया।
पुलिस की जांच में कई सवाल अब भी अनसुलझे
मामले में पुलिस की कार्रवाई के बावजूद कई सवाल अभी भी बने हुए हैं। जैसे कि पुलिस को लिखी हुई पर्ची देर से क्यों मिली, आरोपी इतने आत्मविश्वास में क्यों थे, और करोड़ों की संपत्ति के बावजूद हत्या जैसा कदम क्यों उठाया गया।
शवों की दुर्गंध से खुला पूरा मामला
घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों ने घर से बदबू आने की सूचना पुलिस को दी। जांच के बाद पुलिस ने घर के अलग-अलग हिस्सों से चार शव बरामद किए, जिनमें पहले तीन और बाद में बेटे का शव शामिल था।