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Hardoi News: NMMSE की तैयारी को नई धार, मॉडल पेपर से विद्यार्थी परख रहे अपनी क्षमता

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए तैयार करने की दिशा में राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा के मॉडल पेपर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं


hardoi news nmmse की तैयारी को नई धार मॉडल पेपर से विद्यार्थी परख रहे अपनी क्षमता

Hardoi News: NMMSE की तैयारी को नई धार, मॉडल पेपर से विद्यार्थी परख रहे अपनी क्षमता |

बृजेश कबीर, हरदोई: प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए तैयार करने की दिशा में राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा के मॉडल पेपर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। 15 जुलाई के प्रैक्टिस सेट-04 में विद्यार्थियों को परीक्षा के वास्तविक स्वरूप के अनुरूप प्रश्नों के साथ अभ्यास कराया गया है। इस बाबत बेसिक शिक्षा विभाग कानपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक विकास त्रिवेदी ने ’स्वदेश’ को विस्तार से जानकारी दी।

वास्तविक परीक्षा जैसी उत्तर-पत्रक पर उत्तर भरने का भी अवसर

विकास त्रिवेदी के अनुसार, मॉडल पेपर को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में मेंटल एबिलिटी टेस्ट (एमएटी) के माध्यम से तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और निर्णय लेने की योग्यता पर आधारित प्रश्न दिए गए हैं, जबकि दूसरे भाग में स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (एसएटी) अंतर्गत गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा सामान्य अध्ययन से जुड़े प्रश्न शामिल किए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव देने के लिए उत्तर-पत्रक (स्पेसिमेन आंसर शीट) भी उपलब्ध कराई गई है। 

विद्यार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है अभ्यास?

विकास त्रिवेदी का मानना है, नियमित रूप से मॉडल पेपर हल करने से विद्यार्थियों की समय प्रबंधन क्षमता, प्रश्नों की समझ, आत्मविश्वास और सटीक उत्तर देने की दक्षता विकसित होती है। परीक्षा के निर्धारित प्रारूप में अभ्यास करने से वास्तविक परीक्षा का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाता है।

नियमित मॉडल टेस्ट, पुनरावृत्ति, समयबद्ध अभ्यास सफलता की कुंजी : विकास त्रिवेदी

विकास त्रिवेदी बताते हैं, मॉडल पेपर के अनुसार परीक्षा में मेंटल एबिलिटी टेस्ट और स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट  दोनों के लिए 90-90 मिनट का समय निर्धारित है। उत्तर केवल निर्धारित विकल्पों में से एक को चुनकर उत्तर-पत्रक पर अंकित करना होता है। उनका सुझाव है, विद्यार्थी केवल प्रश्न हल करने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक अभ्यास के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करें। नियमित मॉडल टेस्ट, पुनरावृत्ति और समयबद्ध अभ्यास ही राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएसई) जैसी प्रतिस्पर्धी छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता की मजबूत नींव बन सकते हैं।

क्यों खास है यह पहल?

प्रदेश के अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार निःशुल्क मॉडल पेपर।
वास्तविक परीक्षा पैटर्न एवं समय सीमा के अनुरूप अभ्यास।
मेट और सेट दोनों की समग्र तैयारी।
स्पेसिमेन उत्तर-पत्रक पर उत्तर भरने का अभ्यास।
समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, प्रश्न विश्लेषण क्षमता में सुधार।

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