दिल्ली स्थित किसान घाट पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हापुड़ में मंगलवार को पुलिस और किसान नेताओं के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिली।
Hapur Farmers House Arrest: किसान घाट कूच से पहले पुलिस का पहरा! हापुड़ में किसान नेता होम अरेस्ट |
प्रमोद शर्मा, हापुड़: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली स्थित किसान घाट पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हापुड़ में मंगलवार को पुलिस और किसान नेताओं के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिली। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी.एम. सिंह के आह्वान पर दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे कई किसान नेताओं को पुलिस ने घरों में ही नजरबंद (होम अरेस्ट) कर दिया, जबकि कुछ नेताओं को रास्ते से रोककर उनके कैंप कार्यालय पर बैठा दिया। इस कार्रवाई के बाद किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली और पुलिस प्रशासन के रवैये पर सवाल उठने लगे।
किसान नेताओं को किया होम अरेस्ट
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव चौधरी वीरपाल सिंह अपने गांव ततारपुर से किसान घाट, दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन उनके आवास पर पहुंचा और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकते हुए होम अरेस्ट कर दिया। उधर, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता एवं हापुड़ जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र त्यागी के नेतृत्व में जिला सचिव मुकेश प्रजापति, नगर उपाध्यक्ष राजकुमार वर्मा, दीपचंद प्रजापति, किसान नेता जगमेर सिंह और हरेंद्र सिंह जब ततारपुर बाईपास से दिल्ली के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने उन्हें भी बीच रास्ते में रोक लिया। बाद में सभी को चौधरी वीरपाल सिंह के कैंप कार्यालय पर बैठा दिया गया।
चौधरी वीरपाल सिंह का आरोप
चौधरी वीरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों के हितों की रक्षा करना था। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों, दूध एवं डेयरी उत्पादों को इस ट्रेड डील के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार किसान और नौजवान विरोधी नीतियां अपना रही है तथा किसानों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है।
समर्थन जारी रहेगा: ज्ञानेन्द्र त्यागी
वहीं, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता ज्ञानेन्द्र त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता अधिवक्ता मुकुल कुमार त्यागी, मंडल उपाध्यक्ष वीरेश चौधरी और जिला अध्यक्ष अशोक डींगरा सहित कई अन्य पदाधिकारियों को भी पुलिस ने होम अरेस्ट किया। उन्होंने कहा कि किसानों की जायज मांगों का समर्थन जारी रहेगा और किसी भी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास सफल नहीं होगा।
मांगे नहीं मानी तो होगा आंदोलन तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद हापुड़ में राजनीतिक और किसान संगठनों के बीच हलचल तेज हो गई है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई ने जिले में नई सियासी बहस को भी जन्म दे दिया है।