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Narmada Pipeline Burst in Indore

नर्मदा-क्षिप्रा पाइपलाइन फटी, 150 फीट तक उछला पानी; घरों में घुसा सैलाब

महू के भेरूघाट में नर्मदा-क्षिप्रा पाइपलाइन फटने से 150 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा उठा। कई घरों में पानी घुस गया, कच्चा मकान बह गया। स्थानीय लोगों ने पहले से लीकेज की शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप ल


नर्मदा-क्षिप्रा पाइपलाइन फटी 150 फीट तक उछला पानी घरों में घुसा सैलाब

Narmada Line Breaks in Indore |

इंदौर के पास महू में रविवार सुबह नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना की पाइपलाइन फटने से बड़ा हादसा हो गया। भेरूघाट क्षेत्र में अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकंड में पानी का विशाल फव्वारा आसमान की ओर उठने लगा। देखते ही देखते आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि उसका फव्वारा हाईटेंशन बिजली लाइन की ऊंचाई तक पहुंचता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों को घर छोड़कर बाहर भागना पड़ा। कई परिवारों का सामान पानी में बह गया और भारी नुकसान हुआ। घटना ने एक बार फिर परियोजनाओं के रखरखाव और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लीकेज की शिकायत के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार

स्थानीय रहवासियों का दावा है कि पाइपलाइन में कई दिनों से रिसाव हो रहा था। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। रहवासियों का कहना है कि अगर शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो पाइपलाइन फटने जैसी स्थिति नहीं बनती। अब लोग पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन के सामने यह भी चुनौती है कि आखिर इतनी बड़ी परियोजना में तकनीकी खामी समय रहते क्यों नहीं पकड़ी गई।

घरों में घुसा पानी, मिनटों में बदला मंजर

भेरूघाट क्षेत्र के कई घरों में पानी तेजी से घुस गया। लोगों के अनुसार सुबह अचानक तेज आवाज आई और कुछ ही देर में पानी रिहायशी इलाके की ओर बढ़ने लगा। परिवारों ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। घरों में रखा राशन, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान खराब हो गया। कई वस्तुएं पानी के तेज बहाव में बह गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक नुकसान हजारों रुपए में पहुंचा है और प्रभावित परिवार अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

चौकीदार का मकान बहा, पत्थरों ने भी पहुंचाया नुकसान

घटना का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहा। वन विभाग की रोपणी के पास बने चौकीदार रमेश कोहली का कच्चा मकान भी पानी के तेज बहाव में बह गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पाइपलाइन फटने के दौरान पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर भी उछलकर आसपास के घरों तक पहुंचे। इससे कई मकानों की टीन शेड और छतों को नुकसान पहुंचा। भेरू बाबा मंदिर के पास स्थित एक ढाबे का टीन शेड भी बह गया। इलाके के लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा।

एक घंटे तक बहता रहा पानी

जानकारी के अनुसार यह पाइपलाइन ओंकारेश्वर से उज्जैन तक जाने वाली नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना का हिस्सा है। पाइपलाइन फटने के बाद करीब एक घंटे तक लगातार पानी का बहाव जारी रहा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे सप्लाई बंद किए जाने के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए। हालांकि तब तक आसपास का बड़ा हिस्सा पानी से भर चुका था। अब तकनीकी टीम पाइपलाइन की स्थिति का आकलन कर रही है और क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।

पाइपलाइन हादसे के बीच पानी को लेकर बढ़ा जनाक्रोश

उधर शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा भी सामने आया। ताप्ती परिसर के रहवासियों ने बिजलपुर स्थित जल नियंत्रण कार्यालय का घेराव कर दिया। लोगों का आरोप है कि पहले नियमित पानी मिलता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से आपूर्ति प्रभावित है। क्षेत्र में वैकल्पिक जल स्रोत नहीं होने के कारण लोग पूरी तरह नर्मदा जल परियोजना पर निर्भर हैं। रहवासियों ने अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की है और चेतावनी दी है कि समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

पानी के मुद्दे पर कांग्रेस में भी दिखी अंदरूनी खींचतान

जल संकट के बीच कांग्रेस के भीतर भी विवाद खुलकर सामने आ गया। वार्ड 20 में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने को लेकर पार्टी के नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेता चंद्रशेखर पटेल ने एक वीडियो जारी कर नाराजगी जताई और पार्टी छोड़ने तक की बात कह दी। हालांकि बाद में उनके बेटे और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल ने स्पष्ट किया कि उनका परिवार कांग्रेस में ही रहेगा। उन्होंने कहा कि नाराजगी कुछ व्यक्तियों से हो सकती है, लेकिन पार्टी से नहीं। मामले का समाधान संगठन के भीतर ही निकाला जाएगा।

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