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Nagchandreshwar Darshan Booking Guide

Ujjain Nagpanchami: नागचंद्रेश्वर मंदिर के आज रात 12 बजे खुल कपाट, भक्तों को कैसे मिलेंगे दर्शन

महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट 16 अगस्त की रात 12 बजे से खुल जाएंगे। यहां दर्शन करने जाने से पहले भक्त ऑनलाइन बुकिंग, पास, स्लॉट के नियम जान लें।


ujjain nagpanchami नागचंद्रेश्वर मंदिर के आज रात 12 बजे खुल कपाट भक्तों को कैसे मिलेंगे दर्शन

Nagpanchami Nagchandreshwar Mandir Darshan |

उज्जैन। मध्य प्रदेश में महाकाल की नगरी से प्रसिद्ध उज्जैन मंदिर परिसर में प्रसिद्ध श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। हर साल की भांति इस बार भी मंदिर के कपाट साल में एक बार नागपंचमी के अवसर पर खोले जाते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को 24 घंटे तक भगवान नाग चंद्रेश्वर के दर्शन का अवसर मिलता है। इस बार मंदिर के कपाट रविवार 16 अगस्त की ठीक रात 12 बजे (दिन बदलने से 17 अगस्त लग जाएगा) खुलेंगे।

दरअसल, नागपंचमी के साथ इस बार सावन का तीसरा सोमवार भी पड़ रहा है। इसी दिन भगवान महाकाल की सवारी भी निकलेगी। ऐसे में उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर समिति के अनुसार, इस बार करीब 8 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आ सकते हैं।

रात 12 बजें खुलेंगे कपाट

नागचंद्रेश्वर मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके कपाट सामान्य दिनों में पूरे साल बंद रहते हैं। सिर्फ साल में एक बार नागपंचमी के दिन खोले जाते हैं। यही वजह है कि इस दिन देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। बता दें कि नागपंचमी के अवसर पर मंदिर 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा।

300 रुपये में ऑनलाइन शीघ्र दर्शन व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने शीघ्र दर्शन के लिए ऑनलाइन पास की व्यवस्था की है। जो भक्त लंबी कतार से बचकर जल्दी दर्शन करना चाहते हैं वे मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से 300 रुपये का पास बुक कर सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग के लिए सबसे पहले वेबसाइट पर मोबाइल नंबर दर्ज कर पासवर्ड बनाना होगा। इसके बाद 24 घंटे की दर्शन अवधि के लिए उपलब्ध 11 अलग-अलग टाइम स्लॉट में से अपनी सुविधा के अनुसार, स्लॉट चुना जा सकता है। आपको बता दें कि यह बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर है।

ऑनलाइन टिकट का प्रिंटआउट साथ रखना जरूरी

ऑनलाइन शीघ्र दर्शन पास बुक करने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के समय टिकट का प्रिंटआउट साथ रखना होगा। बिना जरूरी दस्तावेज या टिकट के प्रवेश में परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि ऑनलाइन पास केवल ऑधिकारिक वेबसाइट से ही बुक करें। किसी अनजान व्यक्ति या बिचौलिए को पैसे देकर पास लेने से बचें।

दर्शन का ऐसा रहेगा रास्ता

श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए हरसिद्धि पाल से बड़ा गणेश गली होते हुए गेट नंबर-5 की ओर जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। इसलिए दर्शन के लिए निकलने से पहले मोबाइल और प्रतिबंधित सामान को लेकर प्रशासन के निर्देश जरूर देख लें।

नाग चंद्रेश्वर मंदिर में विराजमान है दुर्लभ प्रतिमा

नागचंद्रेश्वर मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, इसका निर्माण मालवा के राजा भोज ने करीब 1050 ईस्वी के आसपास कराया था। बाद में सिंधिया राजवंश के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। मंदिर में भगवान नागचंद्रेश्वर की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। मान्यता है कि इसे नेपाल से लाया गया था। प्रतिमा में भगवान शिव और माता पार्वती  सात फनों वाले नागदेव के आसन पर विराजमान हैं। उनके साथ भगवान गणेश और कार्तिकेय भी दिखाई देते हैं। प्रतिमा के ऊपर सूर्य और चंद्रमा भी अंकित हैं।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने किए इंतजाम

नागपंचमी पर आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएँ की  हैं। सामान्य दर्शन और 300 रुपये से शीघ्र दर्शन पास वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की मदद के लिए हेल्प सेंटर, पेयजल, धूप से बचाव और मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग और नियमों का पालन करें। भीड़ में धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।

नोटः दर्शन के समय, ऑनलाइन बुकिंग, प्रवेश व्यवस्था और अन्य नियमों में प्रशासन की ओर से बदलाव किया जा सकता है। टिकट बुक करने या दर्शन के लिए रवाना होने से पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट और प्रशासन की ताजा सूचना जरूर जांच लें।

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