मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित, 80 शहरों में पानी गिरा। 23-24 फरवरी को फिर बारिश का अलर्ट।
मध्यप्रदेश में फरवरी महीने में मौसम एक बार फिर पलट गया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से राज्य के करीब आधे हिस्से में तेज आंधी के साथ बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। बीते 24 घंटे में प्रदेश के 25 जिलों के लगभग 80 शहरों और कस्बों में पानी गिरा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा असर
उज्जैन, धार और शाजापुर जिले बारिश और ओलों से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। उज्जैन जिले के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गईं। दानों को नुकसान पहुंचा है, जिससे रबी फसलों पर संकट गहराता दिख रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों में सर्वे शुरू करा दिया है।
80 से ज्यादा शहरों में दर्ज हुई बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, शिवपुरी, आगर-मालवा, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। श्योपुर के नालछा इलाके में सबसे ज्यादा करीब एक इंच पानी गिरने की जानकारी सामने आई है।
23-24 फरवरी को फिर बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 21 और 22 फरवरी को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रह सकता है और दिन में धूप खिलने के आसार हैं। हालांकि 23 और 24 फरवरी को एक बार फिर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यानी फरवरी में चौथी बार मौसम करवट लेने वाला है।
अगले दो दिन का हाल
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21 फरवरी: बारिश का अलर्ट नहीं, दिन में धूप
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22 फरवरी: मौसम साफ, फिलहाल कोई चेतावनी नहीं
किसानों को मिलेगा मुआवजा: कृषि मंत्री
प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मंत्री के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में फसलें आड़ी हुई हैं या दाने खराब हुए हैं, वहां नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन को यह भी कहा गया है कि सर्वे का काम पारदर्शिता के साथ जल्द पूरा किया जाए, ताकि राहत राशि में देरी न हो।
आगे का हाल
फिलहाल किसानों और प्रशासन दोनों की नजर अगले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी है। अगर 23-24 फरवरी को फिर तेज बारिश या ओले गिरे, तो नुकसान और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले 48 घंटे प्रदेश के लिए अहम माने जा रहे हैं।