In the upcoming Rajya Sabha elections for Madhya Pradesh, BJP finalizes two candidates while Congress considers Kamal Nath.
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन रिक्त हो रही सीटों के लिए दिल्ली में मंथन चल रहा है। भाजपा नेतृत्व इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ चर्चा कर चुका है और दो नामों पर सहमति भी बन गई है। तीसरी सीट को लेकर भाजपा अभी विचार-विमर्श कर रही है। कांग्रेस की ओर से तीसरी सीट पर प्रत्याशी कौन होगा, इस पर भाजपा की नजर बनी हुई है। वहीं कांग्रेस में एक सीट के लिए कई नाम सामने आए हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम पर सहमति बनती दिखाई दे रही है।
राज्यसभा के लिए भाजपा नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से पहले ही चर्चा कर चुका है। इसके बाद आज नेतृत्व ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस विषय पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि भाजपा के हिस्से वाली दो सीटों को लेकर कोई समस्या नहीं है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रस्तावित नामों पर चर्चा के बाद दो नाम लगभग तय कर लिए हैं, लेकिन तीसरी सीट को लेकर अभी रणनीति सार्वजनिक नहीं की गई है।
एक सीट बचाने की कांग्रेस में मशक्कत
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 8 जून तक नामांकन दाखिल होना है। वर्तमान में इनमें दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस अपनी एकमात्र सीट बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।पहले इस सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नाम लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन अपने ही प्रदेश में विरोध के कारण स्थिति बदल गई। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम भी चर्चा में आया। हालांकि वे सार्वजनिक रूप से चुनाव न लड़ने की बात कहते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस समय राज्यसभा सदस्य हैं, लेकिन उन्होंने दोबारा राज्यसभा जाने से इनकार किया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यदि पार्टी नेतृत्व निर्देश देता है तो वे चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
कमलनाथ के नाम पर गंभीर विचार
सूत्रों के अनुसार सज्जन वर्मा, अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल सहित करीब आधा दर्जन कांग्रेस नेता राज्यसभा जाने की दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व मानता है कि किसी अपेक्षाकृत हल्के नाम को उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है।इन्हीं परिस्थितियों में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम पर गंभीरता से विचार शुरू किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यदि कमलनाथ राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते हैं तो कांग्रेस पूरी तरह एकजुट रह सकती है।
भाजपा की नजर कांग्रेस के फैसले पर
भाजपा सूत्रों का कहना है कि तीसरी सीट को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बहुत कुछ कांग्रेस के उम्मीदवार पर निर्भर करेगा। यदि कांग्रेस ऐसा प्रत्याशी मैदान में उतारती है, जिसका पार्टी के भीतर ही विरोध हो, तो भाजपा तीसरी सीट पर भी दांव खेल सकती है।बताया जा रहा है कि भाजपा राज्यसभा चुनाव के लिए चार नामांकन दाखिल करने की तैयारी में है और तीसरी सीट पर क्या रणनीति अपनानी है, इसका फैसला अंतिम समय में लिया जाएगा। भाजपा इस पूरे मसले पर फिलहाल काफी निश्चिंत नजर आ रही है।
ग्वालियर-चंबल से भी हो सकता है एक नाम
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि भाजपा का एक उम्मीदवार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से हो सकता है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने सबसे पहले इसी क्षेत्र से आने वाले संभावित नामों पर विचार किया है। राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन तीसरी सीट के पेंच ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को बेहद सतर्क रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है।