मध्यप्रदेश कैबिनेट ने ₹6,940 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी दी और कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए 3% महंगाई भत्ता बढ़ाया। जुलाई 2025 से लागू इस फैसले से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी है। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स पर मेहरबान हुई है। सरकार ने कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है। यह उल्लेखनीय फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया।
इसके अलावा मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों तथा उनकी निरंतरता को स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन के सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
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दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं के अतिथि शिक्षकों को 18 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय की स्वीकृति
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आंगनवाड़ी में अति कम वजन (एसयूडब्ल्यू) के बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार में वृद्धि की स्वीकृति
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छठवें वेतनमान के कार्मिकों तथा निगम, मंडल और उपक्रमों के राज्य शासन में पांचवें और चौथे वेतनमान अंतर्गत कार्मिकों को समानुपातिक आधार पर महंगाई भत्ता में वृद्धि के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
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स्वीकृति के अनुसार 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छह समान किश्तों में किया जाएगा। 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि का एरियर एकमुश्त दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने यूपीएससी-2025 में चयनित अभ्यर्थियों से किया संवाद (देखें अंतिम पेज पर)
“जो अफसर काम नहीं करेंगे, उन्हें मैदान से हटा दिया जाएगा”: मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो अधिकारी काम नहीं करेंगे, उन्हें मैदान से हटा दिया जाएगा। उन्होंने यह बात सोमवार को भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक दृष्टि से जहां कमियां हैं, वहां अधिकारियों को बदला जाता है। जहां अच्छा काम होता है, वहां अधिकारियों को पदोन्नति दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है और उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।गौरतलब है कि विभिन्न शिकायतों के चलते रविवार को मुख्यमंत्री ने कुछ लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई भी की थी, जिसमें गुना के एसपी और सीधी जिले के कलेक्टर शामिल हैं।