Breaking News
  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा - कहीं भी नमाज करना धार्मिक अधिकार नहीं
  • चारधाम यात्रा 2026- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू:घर बैठे कर सकते हैं आवेदन
  • वायुसेना का सुखोई फाइटर जेट असम में क्रैश:जोरहाट से 60 किमी दूर हादसा
  • दिल्ली के LG बदले, तरनजीत सिंह संधू को मिली कमान, लद्दाख भेजे गए वीके सक्सेना
  • आर एन रवि पश्चिम बंगाल के नए गवर्नर, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) बिहार के गवर्नर
  • अमेरिका की रूस को छूट, कहा- 30 दिन तक भारत को बेच सकते हो तेल

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

MP Assembly: Sahara Investors Refund, 6300 Crore S

विधानसभा में गूंजा सहारा का मुद्दा: जयवर्धन बोले- 9 लाख निवेशकों के 6300 करोड़ फंसे

मध्यप्रदेश विधानसभा में सहारा समूह का मुद्दा उठा। 9 लाख निवेशकों के 6300 करोड़ फंसे, सरकार का दावा– अब तक 355 करोड़ रुपए वापस किए गए


विधानसभा में गूंजा सहारा का मुद्दा जयवर्धन बोले- 9 लाख निवेशकों के 6300 करोड़ फंसे

प्रदेश में एक ओर जहां प्रशासन की मिलीभगत से सहारा समूह की संपत्तियों को चोरी-छिपे बेचा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य के 9 लाख निवेशकों के 6300 करोड़ रुपए से ज्यादा सहारा समूह में फंसे हुए हैं। विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में इस संबंध में सवाल पूछा, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री की ओर से अधिकृत मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि जानकारी एकत्रित की जा रही है। अभी तक 355 करोड़ रुपए निवेशकों को वापस कराए गए हैं।

मंत्री ने जवाब में सहारा समूह के खिलाफ प्रदेशभर में दर्ज आपराधिक प्रकरणों की सूची भी उपलब्ध कराई। सहारा रिफंड पोर्टल के अनुसार मप्र के 9 लाख 6 हजार 661 निवेशकों के 6689 करोड़ रुपए समूह में फंसे हैं, जिसमें से सिर्फ 350 करोड़ रुपए मिले हैं, जो कुल राशि का करीब पांच फीसदी है।विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि सहारा इंडिया समूह में मध्यप्रदेश के 9 लाख से अधिक छोटे, मध्यम और दैनिक रोजगार से जुड़े निवेशकों की कमाई फंसी हुई है। जानकारी के अनुसार लगभग 1 लाख 55 हजार आवेदकों के आवेदन ही प्रोसेस में लिए गए हैं, जबकि हजारों निवेशक अब भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं।सिंह ने बताया कि वर्ष 1978 से 2012 के बीच विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छोटे, मध्यम एवं दैनिक जमाकर्ताओं से लगभग 25,000 करोड़ रुपए जुटाए गए थे।

एफआईआर की जानकारी छिपाने का आरोप

जयवर्धन सिंह ने स्पष्ट कहा कि वे इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सहारा इंडिया समूह के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की जानकारी सदन में छिपाई गई। उनके पास 123 एफआईआर दर्ज होने की जानकारी है, जबकि सदन में केवल 4 एफआईआर की जानकारी दी गई।जयवर्धन ने कहा कि सहारा इंडिया द्वारा मध्यप्रदेश में खरीदी गई संपत्तियों को अटैच करने के संबंध में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी भी सरकार ने नहीं दी है।