नगर कोतवाली क्षेत्र के केशव नगर चौकी इलाके में युवक पर हुए जानलेवा हमले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Hapur Police: CCTV में कैद हुई 'खूनी करतूत', फिर भी बेखौफ घूम रहे आरोपी! घिरी हापुड़ पुलिस |
प्रमोद शर्मा, हापुड़: नगर कोतवाली क्षेत्र के केशव नगर चौकी इलाके में युवक पर हुए जानलेवा हमले ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बावजूद पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दर-दर भटक रहा है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने पहले आरोपियों को बचाने का प्रयास किया और बाद में एफआईआर में घटना का समय तक बदल दिया, जिससे अब पुलिस की निष्पक्षता सवालों के घेरे में आ गई है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 12 जुलाई की रात की बताई जा रही है। पीड़ित दीपक पाल पुत्र जसवीर पाल के अनुसार वह रात करीब 9:15 बजे डेयरी से दूध लेने गया था। आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे सौरभ, सचिन, राहुल और आयुष ने उसे घेर लिया और लोहे के रॉड व धारदार हथियार से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमलावरों ने उसे सड़क पर घसीटा, मोबाइल फोन तोड़ दिया और जेब में रखे 2500 रुपये भी निकाल लिए। गंभीर रूप से घायल दीपक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके सिर पर कई टांके लगाने पड़े।
समाने आए थे सीसीटीवी फुटेज
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब घटना के दो सीसीटीवी फुटेज सामने आए। एक वीडियो में आरोपी एक दुकानदार के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे फुटेज में रात करीब 9:06 बजे चारों आरोपी दीपक पाल को चारों ओर से घेरकर बेरहमी से पीटते दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में केवल एक आरोपी का शांतिभंग की धारा 151 में चालान कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया।
परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बाद में पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह और क्षेत्राधिकारी अनीता चौहान के हस्तक्षेप पर मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन मूल तहरीर में रात की घटना को सुबह नौ बजे का दर्शा दिया गया, जिससे सीसीटीवी फुटेज की अहमियत कम हो सके। परिवार का कहना है कि यह बदलाव आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया।
खुलेआम घूम रहे नामजद आरोपी!
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि नामजद आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इस पूरे मामले से केशव नगर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जब सीसीटीवी में पूरी घटना साफ दिखाई दे रही है, तब भी यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही, तो आम जनता पुलिस से न्याय की उम्मीद कैसे करे। अब सभी की निगाहें पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर पीड़ित को न्याय कब मिलेगा और आरोपियों पर शिकंजा कब कसेगा।