देशभर समेत उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी से पहले दूध, घी, पनीर, मक्खन और खोया महंगा हो गया है। मिठाइयों के दाम 10-15% तक बढ़ सकते हैं।
आगरा। देशभर के साथ उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन औ जन्माष्टमी से पहले आम लोगों के घरेलू बजट पर महंगाई का दबाव बढ़ गया है। दूध, पनीर, घी, मक्खन और खोया के दाम बढ़ने से अब त्योहारों पर मिठाई खरीदना भी महंगा पड़ सकता है। दूध की कीमतें कई जगह 70 रुपये प्रति लीटर तक पंहुच गई है।
दरअसल, अगस्त में दुग्ध संघों और उत्पादकों की ओर से कीमतों में किए गए बदलाव का असर अब खुदरा बाजार में दिखाई देने लगा है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खोया और मक्खन के दाम में हुई है। इशसे त्योहारों के दौरान दूध से बनने वाली मिठाइयों की कीमतों में भी इजाफे की संभावना जताई जा रही है।
दूध से लेकर परनी तक जानिए क्या हुए नए दाम
बाजार में दूध की कीमत बढ़कर करीब 70 रुपये लीटर तक पहुंच गई है। वहीं, पनीर के दाम भी बढ़े हैं और यह करीब 350 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसके साथ ही मक्खन और खोया की कीमत में करीब 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसके बाद मक्खन का भाव करीब 600 रुपये किलो हो गया है। वहीं, खोया करीब 300 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
दूध के दाम बढ़ने के चलते घी की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। प्रमुख ब्रांड्स ने घी के दाम में करीब 40 से 60 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। खुदरा बाजार में एक लीटर घी की कीमत अब 715 से लेकर 750 रुपये से ज्यादा हो गई है।
अचानक क्यों बढ़ गए दाम
डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, दूध और दुग्ध उत्पादकों की कीमत बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। पशुओं के चारे की बढ़ती लागत, परिवहन खर्च और कच्चे दूध की खरीद दर में बढ़ोतरी का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ा है। त्योहारी सीजन में दूध और उससे बने उत्पादों की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
मिठाइयों पर भी पड़ेगा सीधा असर
डेयरी में दूध, खोया,घी और मक्खन के महंगे होने का असर मिठाई कारोबार पर भी पड़ना तया माना जा रहा है। खासकर रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर दूध से बनी मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। आगरा और ब्रज क्षेत्र में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। क्योंकि यहां पेठा और दूध से तैयार होने वाली मिठाइयों का बड़ा कारोबार है। इसके अलावा चीनी की कीमतों में भी करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी बताई गई है। कच्चे माल की बढ़ती लागत के साथ कारोबारियों पर ट्रेड लाइसेंस शुल्क और अन्य प्रशासनिक खर्चों का दबाव भी है।
10 से 15 फीसदी तक महंगी हो सकती हैं मिठाइयां
कारोबारियों के अनुसार, कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब मिठाइयों के रेट पर भी आने की संभावना है। त्योहारों के दौरान मिठाइयाँ 10 से 15 फीसदी तक मंहगी हो सकती हैं। यानी इस बारि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर सिर्फ पूजा और खरीददारी का खर्च ही नहीं, बल्कि घर से मिठास घोलने का बजट भी बढ़ सकता है।