मध्य प्रदेश की अगली कैबिनेट बैठक जगदीशपुर में होगी। यहां UCC के मसौदे को मंजूरी मिल सकती है। विधानसभा सत्र से पहले सरकार कई अहम फैसलों पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी में है।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 जुलाई को होने वाली मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक इस बार भोपाल के जगदीशपुर में आयोजित होगी। 21 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे को मंजूरी दिए जाने की तैयारी है। इसके बाद सरकार इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करेगी।
विधानसभा सत्र से पहले सरकार सिर्फ विधायी एजेंडे पर ही नहीं बल्कि प्रशासनिक और विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर भी आगे बढ़ रही है। बैठक में मंत्रियों को विधानसभा के लिए पूरी तैयारी रखने और हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कैबिनेट की नजर विधानसभा एजेंडे पर
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विभागीय विषयों पर पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं और फैसलों की सही जानकारी सदन के माध्यम से जनता तक पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विभाग को तथ्य आधारित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
UCC मसौदे पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
कैबिनेट बैठक का सबसे अहम एजेंडा समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा रहेगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करेगी। ऐसे में आगामी सत्र के दौरान इस विषय पर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
पंचायत व्यवस्था में डिजिटल बदलाव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के उद्देश्य से 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' लॉन्च किया। इसके साथ पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई। सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन और ऑडिट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
टेक होम राशन की जिम्मेदारी बदलेगी
आंगनबाड़ी केंद्रों में छह महीने से तीन साल तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन की व्यवस्था अब महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन होगी। पहले यह काम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से संचालित होता था। नई व्यवस्था में चयनित स्व-सहायता समूह ही तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार राशन तैयार कर पैक करेंगे और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे गुणवत्ता और निगरानी दोनों बेहतर होंगी।
योजनाओं और कारोबार से जुड़े अहम फैसले
कैबिनेट ने सिंचाई परियोजनाओं समेत कई विभागीय योजनाओं की अवधि वर्ष 2031 तक बढ़ाने का फैसला किया। वहीं जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के अनुरूप जीएसटी अपीलीय बोर्ड के गठन का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया सरल करने की मंजूरी दी गई, जिससे विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र के कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
युवा और पर्यावरण पर भी फोकस
सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए बैंकों को दी जा रही सरकारी गारंटी की व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही 'युवा वर्ष 2027' की तैयारियां शुरू करने का भी फैसला किया गया है। दिसंबर 2026 तक युवाओं और आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे, जिनके आधार पर नई योजनाएं तैयार होंगी। इसके अलावा मानसून के दौरान प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि हाल ही में वहां एक लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।