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किसानों का डीजल संकट गहराया

डीजल संकट से जूझ रहे किसान: कैन में ईंधन पर रोक से पंपों पर लंबी कतारें, इटारसी में चक्काजाम

नर्मदापुरम में किसान डीजल की कमी से जूझ रहे हैं। प्लास्टिक कैन में डीजल देने पर रोक के बाद पंपों पर लंबी कतारें, किसानों ने किया चक्काजाम।


डीजल संकट से जूझ रहे किसान कैन में ईंधन पर रोक से पंपों पर लंबी कतारें इटारसी में चक्काजाम

मूंग की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच नर्मदापुरम जिले के किसानों के सामने डीजल संकट खड़ा हो गया है। प्लास्टिक की कुप्पियों और कैनों में डीजल देने पर रोक लगने के बाद हजारों किसान परेशान हैं। पेट्रोल पंपों पर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं और कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी डीजल नहीं मिल पा रहा है। नाराज किसानों ने शनिवार को इटारसी के खेड़ा ब्रिज के पास एक पेट्रोल पंप के सामने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

कुप्पियों में डीजल नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

किसानों का कहना है कि खेतों में हार्वेस्टर, ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों को चलाने के लिए लगातार डीजल की जरूरत होती है। कई खेत पेट्रोल पंपों से दूर हैं, ऐसे में किसान सामान्य तौर पर 20 से 50 लीटर डीजल कैन या कुप्पियों में भरकर खेतों तक ले जाते हैं। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकांश पेट्रोल पंपों ने प्लास्टिक कुप्पियों में डीजल देना बंद कर दिया है। इससे किसानों को कृषि कार्यों के बीच बार-बार ट्रैक्टर और मशीनें लेकर पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है।

घंटों लाइन में खड़े रहे किसान

किसान प्रेम नारायण पटेल ने बताया कि वे सुबह 7 बजे से डीजल लेने के लिए पंप पर पहुंचे थे, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद उन्हें डीजल नहीं मिला। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पंप समेत कई अन्य पेट्रोल पंपों पर भी किसानों को निराश लौटना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर कई किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और खेड़ा ब्रिज के पास चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।

क्या हैं नए नियम?

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की है।

प्रमुख प्रावधान

  • एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल मिलेगा।

  • डीजल केवल वाहन के टैंक या पीईएसओ (PESO) से अनुमोदित कंटेनरों में दिया जाएगा।

  • सामान्य प्लास्टिक कैन और कुप्पियों में ईंधन नहीं दिया जाएगा।

  • रिटेल पंपों से खरीदे गए डीजल की पुनर्बिक्री पर रोक रहेगी।

  • औद्योगिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को बल्क सप्लाई केंद्रों से ईंधन लेना होगा।

मूंग कटाई और धान की बुवाई पर असर की आशंका

किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में एक ओर मूंग की कटाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर धान की बुवाई और रोपाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे समय में डीजल की उपलब्धता प्रभावित होने से खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है।कृषि कार्यों के लिए मशीनरी पर निर्भर किसानों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

मांग के मुकाबले 40% कम सप्लाई

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि जिले में डीजल की आपूर्ति मांग के मुकाबले लगभग 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। कई पंप ड्राई होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। नर्मदापुरम जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रवक्ता Hemant Dubey के अनुसार पहले ईंधन की आपूर्ति एक दिन में मिल जाती थी, लेकिन अब चार से पांच दिन का समय लग रहा है। संभावित कमी की आशंका के चलते वाहन चालक भी टैंक फुल करा रहे हैं, जिससे पंपों पर दबाव और बढ़ गया है।

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