इटारसी और भोपाल होकर अमृत भारत ट्रेनों का संचालन नियमित होगा। वहीं भोपाल-इटारसी समेत कई स्टेशनों पर आईआरसीटीसी ने अवैध वेंडरों पर कार्रवाई की है।
भोपाल। रेल यात्रियों के लिए राहत की दो अहम खबरें सामने आई हैं। इटारसी होकर संचालित हो रहीं दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को अब नियमित नंबरों से चलाया जाएगा। वहीं भोपाल और इटारसी समेत कई स्टेशनों पर आईआरसीटीसी ने अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में अमानक खानपान सामग्री जब्त की है।
इटारसी होकर चलेंगी दो अमृत भारत एक्सप्रेस
रेल प्रशासन ने प्रयागराज और सुबेदारगंज से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच चल रही स्पेशल अमृत भारत ट्रेनों को नियमित करने का फैसला लिया है। प्रयागराज-एलटीटी ट्रेन अब 21 और 22 अगस्त से 20436/20435 नंबर से साप्ताहिक चलेगी। वहीं सुबेदारगंज-एलटीटी ट्रेन 14121/14122 नंबर से नियमित साप्ताहिक सेवा देगी।
दोनों ट्रेनों का भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहराव रहेगा। इनके निर्धारित ठहराव सुबेदारगंज, प्रयागराज क्षेत्र, चित्रकूट, सतना, जबलपुर, इटारसी, खंडवा, भुसावल, इगतपुरी, कल्याण और लोकमान्य तिलक टर्मिनस सहित अन्य स्टेशनों पर होंगे।
भोपाल होकर चलेगी चरापल्ली-गोरखपुर ट्रेन
चरापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत ट्रेन भी अब नियमित नंबर से संचालित होगी। दो अक्टूबर से ट्रेन 22075/22076 नंबर से चलेगी। यह इटारसी, भोपाल और बीना होकर गोरखपुर पहुंचेगी। चरापल्ली से ट्रेन रात 9:45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में गोरखपुर से 4 अक्टूबर से प्रत्येक रविवार सुबह 8:30 बजे ट्रेन रवाना होगी और रात 11:05 बजे भोपाल पहुंचेगी।
अवैध वेंडरों पर आईआरसीटीसी की कार्रवाई
इधर, आईआरसीटीसी ने भोपाल, इटारसी सहित करीब एक दर्जन स्टेशनों और वहां से गुजरने वाली ट्रेनों में औचक जांच अभियान चलाया। 12 विशेष टीमों ने कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक अनधिकृत वेंडरों पर नियमानुसार कार्रवाई की। जांच के दौरान 500 से अधिक अनब्रांडेड पानी की बोतलें और 400 से ज्यादा अमानक एवं गुणवत्ताहीन खानपान सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। अभियान में रेलनीर की निर्धारित दर, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, वेंडरों के पहचान पत्र और निर्धारित यूनिफॉर्म की भी जांच की गई।
आईआरसीटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि खाद्य और पेय पदार्थ केवल अधिकृत वेंडरों से खरीदें। निर्धारित दर का बिल जरूर लें और ओवरचार्जिंग या अनधिकृत बिक्री की जानकारी तत्काल रेलवे या आईआरसीटीसी अधिकारियों को दें।