एमपी IPS एसोसिएशन ने विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बयान पर नाराजगी जताई। SDOP पर टिप्पणी को लेकर कार्रवाई की मांग, प्रशासनिक गरिमा का मुद्दा उठाया।
भोपाल: शिवपुरी जिला अंतर्गत पिछोर के विधायक प्रीतम सिंह लोधी के खिलाफ आज आईपीएस एसोसिएशन के द्वारा ज्ञापन पत्र प्रस्तुत किया गया जिसमें मांग की गई है कि -इस मामले में कार्रवाई की जाए । सिविल सर्विसेज डे के अवसर पर करेरा के एसडीओपी के साथ की गई अपमानजनक वीडियो जारी करने के साथ टिप्पणी पर आईपीएस एसोसिएशन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे शर्मनाक कहा ।
प्रशासनिक गरिमा के सम्मान के विरुद्ध यह उचित नहीं - चंचल शेखर
मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन ने कहा है कि पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के द्वारा करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ के संबंध सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। इस वीडियो में अभद्र, अमर्यादित और धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत है। एसोसिएशन ने कहा है कि नवनियुक्त पुलिस अधिकारी एवं उनके परिवार के प्रति की गई अपमानजक टिप्पणियां अमर्यादित और अशोभनीय है। यह आचरण एक जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत है। साथ ही प्रशासनिक तंत्र और समस्त अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

आईपीएस अधिकारी को दी खुलेआम धमकी
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और दबाव की सियासत सुर्खियों में है. शिवपुरी जिले से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक आईपीएस अधिकारी को खुलेआम धमकी देते नजर आ रहे हैं , विधायक लोधी ने यह भी कहा कि मेरा बेटा करेरा में आएगा और यहां से चुनाव भी लड़ेगा । करैरा विधानसभा तेरी डैडी की नहीं । विधायक का कहना है कि अगर पांच दिन के भीतर उनसे माफी नहीं मांगी गई तो वह दस हजार लोगों के साथ अधिकारी के घर पहुंचकर घर में गोबर भरवा देंगे. इस बयान के बाद न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है बल्कि राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है । वहीं दूसरी ओर आज आईपीएस एसोसिएशन ने इस मामले में गंभीर को अपनाते हुए ज्ञापन पत्र में पिछोर विधायक लोधी की निंदा की ।
जनप्रतिनिधि अपना सम्मान स्वयं रखें
एसोसिएशन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण एवं भाषा को संयमित और मर्यादित रखें। इस प्रकार की अमर्यादित भाषा और धमकीपूर्ण व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। यह प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता को आहत करता है। एमपी आईपीएस एसोसिएशन इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है। साथ ही उचित कार्रवाई की मांग करता है।