झांसी रेल मंडल ने कई रेलखंडों पर ट्रेनों की सेक्शनल स्पीड बढ़ा दी है। तीसरी लाइन पर अब 110 किमी/घंटा तक की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी, जिससे संचालन और समयबद्धता में सुधार होगा।
प्रशांत शर्मा,ग्वालियर। झांसी रेल मंडल ने रेल परिचालन को और तेज, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर तकनीकी उन्नयन और ट्रैक सुधार कार्य पूरे होने के बाद ट्रेनों की सेक्शनल स्पीड बढ़ा दी गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा झांसी-ग्वालियर तीसरी लाइन और ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन पर चलने वाली ट्रेनों को मिलेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव दतिया-डबरा तीसरी लाइन और संदलपुर-सिथौली सीएबी केबिन सेक्शन में हुआ है। यहां ट्रेनों की अधिकतम गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। यह निर्णय इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि तीसरी लाइन बनने के बाद अब उसकी पूरी क्षमता का उपयोग किया जा सकेगा। तेज रफ्तार के कारण मालगाडिय़ों और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा तथा मुख्य लाइन पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति नहीं बनेगी। इसी तरह ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन पर भी यात्रियों को राहत मिलेगी।
कई सेक्शन में बढ़ाई सेक्शनल स्पीड
रायरू-जौरा अलापुर रेलखंड में ट्रेनों की गति 90 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा तथा जौरा अलापुर-कैलारस सेक्शन में 75 से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। रेलवे ने बांदा-खुरहंड (खैरार-मानिकपुर) नई दूसरी डाउन लाइन पर भी गति सीमा 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तथा हेतमपुर-धौलपुर तीसरी लाइन पर 80 से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है। वहीं उदयपुरा-टीकमगढ़, खैरार-मानिकपुर और झांसी-ग्वालियर सेक्शन के विभिन्न स्टेशनों की लूप लाइन पर ट्रेनों की गति 15 से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इससे स्टेशनों पर ट्रेनों की एंट्री और निकासी पहले की तुलना में तेजी से हो सकेगी और परिचालन क्षमता भी बढ़ेगी।
तीन फाटकों को स्थायी रूप से बंद किया
रेलवे ने गति बढ़ाने के साथ सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। झांसी-मानिकपुर खंड का फाटक संख्या-476, महोबा-खजुराहो खंड का फाटक संख्या-2 और झांसी-ग्वालियर खंड का फाटक संख्या-409 स्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। इन फाटकों के बंद होने से सडक़ और रेल यातायात दोनों अधिक सुरक्षित होंगे तथा दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार का कहना है कि तीसरी लाइन पर बढ़ी रफ्तार से ट्रेनों का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा, ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और यात्रियों को तेज एवं बेहतर रेल सेवा का लाभ मिलेगा।