देशभर में भीषण गर्मी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। यूपी समेत 12 राज्यों में तापमान 47 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत के हैं।
नई दिल्ली। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक इस वक्त गर्मी ने लोगों की रफ्तार थाम दी है। रविवार को हालात इतने गंभीर हो गए कि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 शहर भारत के दर्ज किए गए। सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में दिखा। यहां कई शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रयागराज दिन में सबसे ज्यादा तपने वाला शहर रहा। दोपहर होते-होते सड़कें खाली नजर आने लगीं और लोग घरों में कैद हो गए।
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि 26 और 27 मई को गर्मी का असर और तेज हो सकता है। हालांकि सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत 12 राज्यों में तापमान 47 डिग्री के पार पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी अब स्वास्थ्य और बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाओं पर भी असर डालने लगी है।
यूपी के शहरों ने तोड़े तापमान के रिकॉर्ड
रविवार दोपहर AQI.in के आंकड़ों में यूपी के 6 शहर दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में टॉप 10 में शामिल रहे। प्रयागराज सबसे ऊपर रहा, जहां पारा 48 डिग्री तक पहुंच गया। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आसपास के इलाकों में भी लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट एक्सॉशन के मरीज बढ़ने लगे हैं। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दी। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गर्म हवाएं और साफ आसमान तापमान को और ऊपर ले जा सकते हैं।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी हालात गंभीर
राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों में रविवार को तापमान 47 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। खुले इलाकों में गर्म हवा सीधे चेहरे को झुलसा रही है। कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों के समय बदलने और लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर बना रहा। वहां शनिवार को 47.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। तेलंगाना में गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। राज्य के 7 जिलों में हीटस्ट्रोक से 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग ने जारी किया डबल अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। तेलंगाना के हैदराबाद, करीमनगर, नलगोंडा और कई जिलों में लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा है।
दूसरी तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मौसम बिल्कुल उलट रहने वाला है। केरल, तमिलनाडु, असम और मेघालय में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया गया है।
ग्लेशियर टूटने की घटना ने बढ़ाई चिंता
भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड से भी एक अहम घटना सामने आई। चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम के पास कंचन गंगा ग्लेशियर का हिस्सा टूट गया। घटना के बाद बर्फ और धूल का बड़ा गुबार इलाके में दिखाई दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि मलबा आबादी वाले हिस्सों तक नहीं पहुंचा। प्रशासन के मुताबिक चारधाम यात्रा और बद्रीनाथ हाईवे पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि लगातार बदलते मौसम पैटर्न और तापमान में तेज बढ़ोतरी पहाड़ी इलाकों के ग्लेशियरों पर भी असर डाल रही है।
गर्मी का असर अब आम जिंदगी पर साफ दिखने लगा
देश के कई शहरों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। पानी की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। मजदूर, डिलीवरी स्टाफ और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टर लगातार लोगों को ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और जरूरी काम सुबह या शाम के समय करने की सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि मई का आखिरी सप्ताह उत्तर भारत के लिए और ज्यादा मुश्किल साबित हो सकता है।