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Hamirpur Boat Accident Deaths

यमुना में पलटी नाव ने छीन ली 6 जिंदगियां, हमीरपुर में 5 गांवों में पसरा मातम, एक साथ उठीं अर्थियां

हमीरपुर में यमुना नदी में नाव पलटने से 6 लोगों की मौत के बाद पांच गांवों में मातम छा गया। बच्चों और महिलाओं समेत मृतकों का अंतिम संस्कार अलग-अलग जगहों पर किया गया।


यमुना में पलटी नाव ने छीन ली 6 जिंदगियां हमीरपुर में 5 गांवों में पसरा मातम एक साथ उठीं अर्थियां

UP Boat Accident |

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला में यमुना नदी ने एक बार फिर दर्दनाक हादसा दे दिया। कुरारा थाना क्षेत्र के कुतूपुर पटिया गांव के पास नाव पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब शादी समारोह के बाद कुछ रिश्तेदार और बच्चे नाव से यमुना पार टापू पर सब्जी लेने गए थे। 

लौटते समय बीच धारा में नाव का संतुलन बिगड़ गया और सभी लोग नदी में गिर गए। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। पांच अलग-अलग गांवों में एक साथ जब शव पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया।

शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं

बुधवार शाम देशराज की नातिन की शादी के बाद परिवार के लोग टापू की ओर गए थे। वहां से लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में बृजरानी, लव्यांश, रानी, आकांक्षा, अर्चना और गोरे उर्फ आदित्य की मौत हो गई। वहीं विष्णु, पारुल और रिंकू को सुरक्षित बचा लिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और तेज बहाव ने स्थिति और बिगाड़ दी।

22 घंटे चले रेस्क्यू के बाद मिला सभी का शव

सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर जिलाधिकारी अभिषेक गोयल, पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। NDRF, SDRF, फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब 22 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला। कड़ी मशक्कत के बाद सभी शवों को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फिर गांवों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।

बच्चों की अर्थियां देख बिलख पड़े परिजन

सबसे भावुक दृश्य तब सामने आए जब मासूम बच्चों की अर्थियां उठीं। रानी, जो कक्षा 5 की छात्रा थी, उसे कुतूपुर पटिया गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। परिजनों ने बताया कि वह पढ़ाई में होनहार थी और बड़े सपने देखती थी। अब घर में उसकी यादें ही बची हैं। अर्चना और आकांक्षा का भी अलग-अलग गांवों में अंतिम संस्कार किया गया। दोनों ही परिवार शादी समारोह में शामिल होने आए थे, लेकिन लौट नहीं सके।

एक साथ उठीं अर्थियां, गांवों में सन्नाटा

घाटमपुर में गोरे उर्फ आदित्य और अर्चना का अंतिम संस्कार गंगा घाट पर किया गया। दोनों के शव देर रात घर पहुंचे थे। आदित्य कक्षा 6 का छात्र था और अपने परिवार के साथ शादी में आया था। वहीं अर्चना अपनी चाची के साथ समारोह में शामिल हुई थी। गांवों में एक साथ कई अर्थियां उठने से माहौल पूरी तरह शोक में डूब गया। महिलाएं रो-रोकर बार-बार बेहोश हो रही थीं और हर घर से सिर्फ चीखें सुनाई दे रही थीं।

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