ग्वालियर में 100 इलेक्ट्रिक बसें जल्द शुरू होंगी। 10 रूट तय, रमौआ और आईएसबीटी डिपो पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार, जून तक काम पूरा करने के निर्देश।
शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में चल रही ई-बस परियोजना ने अब तेजी पकड़ ली है। दिल्ली से आए अर्बन ट्रांसपोर्ट निदेशक भानू प्रताप सिंह भदौरिया ने ग्वालियर में ई-बस सेवा के लिए तैयार किए जा रहे बुनियादी ढांचे का बारीकी से निरीक्षण किया।
ऐसे चलेगी ई-बस सेवा
पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आईएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा। यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्य जून माह तक हर हाल में पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को जल्द से जल्द ई-बस सुविधा का लाभ मिल सके।
10 मार्ग किए गए तय
शहर में बस संचालन के लिए 10 मार्ग तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं मार्गों पर संचालन शुरू किया जाएगा। इस सुविधा का शहरवासी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।इस दौरान अपर आयुक्त मुनीश सिकरवार, भवन अधिकारी पवन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर
बसों में लगाए जाने वाले आईटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।
डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण
डायरेक्टर भदौरिया ने सबसे पहले रमौआ बस डिपो का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने लेआउट, बसों की पार्किंग व्यवस्था और चार्जिंग पॉइंट्स की डिजाइन का अवलोकन किया। इसके बाद आईएसबीटी बस स्टैंड पर बन रहे 40 ई-बस क्षमता वाले विशेष डिपो का भी निरीक्षण किया।उन्होंने निर्देश दिए कि डिपो में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस एरिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।
15.50 करोड़ से तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर
ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आईएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आईएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं।
पहले चरण में 100 ई-बसें
परियोजना के पहले चरण में कुल 100 ई-बसें शहर में लाई जाएंगी। इनमें से 60 बसें रमौआ डिपो और 40 बसें आईएसबीटी डिपो में रखी जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही मई-जून तक ग्वालियर में ई-बस सेवा शुरू होने की संभावना है।