दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), मुरादाबाद के प्रांगण में भारत के पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस 'शिक्षक दिवस' के सुअवसर पर एक भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किय
Moradabad Teachers Day: DPS मुरादाबाद में शिक्षक दिवस की भव्य धूम: गुरुओं का हुआ सम्मान |
नरेश भारद्वाज,मुरादाबाद: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), मुरादाबाद के प्रांगण में भारत के पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस 'शिक्षक दिवस' के सुअवसर पर एक भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर को अत्यंत सुरुचिपूर्ण ढंग से सजाया गया था और संपूर्ण वातावरण गुरु-शिष्य परंपरा के आदर, सम्मान और उल्लास से सराबोर नजर आया।
पुष्पांजलि एवं श्लोकोच्चारण से शुरुआत
समारोह का भव्य आयोजन विद्यालय के प्रांगण में किया गया एवं कार्यक्रम की शुरुआत में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण किया गया। इसके उपरांत सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा किए गए पवित्र श्लोकोच्चारण की गूंज ने पूरे प्रांगण को अत्यधिक आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
केक कटिंग और गुरु वंदना
शिक्षक दिवस की खुशी को साझा करने के लिए अतिथियों ने समस्त शिक्षक और गैर-शिक्षक स्टाफ के साथ मिलकर एक भव्य 'फ्रूट केक' काटा। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्रों ने गुरु वंदना, सुरीले गीतों, भावुक भाषणों और लघु नाटकों के माध्यम से समाज निर्माण में शिक्षकों के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। विद्यार्थियों का यह अनूठा प्रयास देख उपस्थित सभी शिक्षक भावविभोर हो उठे।
शिक्षक समाज का पथप्रदर्शक और राष्ट्र का निर्माता: सुदर्शन सोनार
प्रधानाचार्य सुदर्शन सोनार ने अपने अत्यंत प्रेरणादायी और ओजस्वी उद्बोधन में समस्त स्टाफ की सराहना करते हुए कहा, "शिक्षक केवल अक्षरों का ज्ञान देने वाला माध्यम नहीं है, बल्कि वह मानवीय मूल्यों का शिल्पी है जो एक अबोध बालक के चरित्र को गढ़कर उसे वैश्विक नागरिक बनाता है। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस आधुनिक युग में भी एक शिक्षक का स्थान और उसका जीवंत मार्गदर्शन कभी विस्थापित नहीं किया जा सकता। हमारी संस्कृति में गुरु को गोविंद से भी ऊंचा स्थान दिया गया है क्योंकि ईश्वर की बनाई सृष्टि को संवारने का दायित्व गुरु का ही है। हमारे विद्यालय का समस्त स्टाफ पूरी निष्ठा और लगन के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटा है, जिसके लिए वे वंदनीय हैं।" उन्होंने शिक्षकों से आधुनिक युग की चुनौतियों के अनुरूप छात्रों को तैयार करने का आह्वान किया एवं सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस विशेष बेला पर प्रो-वाइस चेयरमैन संदीप जैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नितिन जैन ने भी सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ने अपने संबोधन में कहा कि एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अग्रणी होती है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय को आधुनिकतम संसाधनों से लैस करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि शिक्षक बिना किसी बाधा के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान कर सकें।
सभी शिक्षकों को विशेष उपहार व सम्मान प्रतीक भेंट करने और राष्ट्रगान के साथ इस अत्यंत गरिमामयी, अनुशासित और यादगार समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ।