गाजियाबाद के चर्चित सूर्या प्रताप हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों ने कथित साजिश, चाकू उपलब्ध कराने और हमले से पहले हुई बातचीत को लेकर अहम जानकारी दी है।
गाजियाबाद। जिले के खोड़ा क्षेत्र में हुए सूर्या प्रताप उर्फ सूर्या हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस ने इस केस में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच के मुताबिक, जिस विवाद की शुरुआत कथित तौर पर बाइक को लेकर हुई थी। वही कुछ ही देर में जानलेवा हमले में बदल गया। पुलिस का दावा है कि घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि झगड़े के बाद योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
सबसे गंभीर आरोप मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब पर लगा है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि हमले के दौरान उन्होंने ही बेटे को कथित तौर पर हत्या के लिए उकसाया था।
आधे घंटे में झगड़े से बनी हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी फरहान ने बताया कि 28 मई की दोपहर असद और सूर्या के बीच बाइक चलाने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों के बीच कहासुनी हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, झगड़े के बाद असद ने अपने पिता नवाब और फरहान को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद तीनों ने मिलकर आगे की रणनीति बनाई। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान सूर्या को निशाना बनाने का फैसला किया गया। करीब आधे घंटे बाद नवनीत विहार की गली नंबर-4 में सूर्या को रोककर कथित तौर पर हमला किया गया।
पूछताछ में सामने आई चाकू की भूमिका
मामले की जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फरहान ने स्वीकार किया है कि उसने हमले से पहले असद को चाकू उपलब्ध कराया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह तथ्य घटना को पूर्व नियोजित अपराध की दिशा में ले जाता है। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों की भूमिका और साजिश के स्तर की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी बयानों का तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के साथ मिलान किया जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।
पिता के कथित बयान ने बढ़ाई गंभीरता
पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान असद का पिता नवाब भी मौके पर मौजूद था। पूछताछ में सामने आया कि उसने कथित तौर पर बेटे को हमला करने के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि 'आज इसकी कहानी खत्म कर दे'। जांच में दर्ज बयान के मुताबिक, इसी दौरान असद ने सूर्या पर लगातार चाकू से वार किए। हमले में सूर्या गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। यह पहलू सामने आने के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वारदात में किस व्यक्ति की भूमिका कितनी सक्रिय थी और किस स्तर तक साजिश बनाई गई थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ चुकी थी हालत
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों को लगा था कि सूर्या की मौत हो चुकी है, इसलिए वे घटनास्थल छोड़कर भाग निकले। स्थानीय लोगों की मदद से घायल सूर्या को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था। घटना के बाद पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया और कई टीमें जांच में लगा दी गईं।
एनकाउंटर, गिरफ्तारी और अब आगे की जांच
इस मामले के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा हत्या की योजना कितनी पहले बनाई गई थी।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय इनपुट और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा अभी भी खुला रखा गया है और कई पहलुओं की पड़ताल जारी है।