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Mahdeiya Bazar ultrasound centers fraud

Mahdeiya Bazar: महदेईया बाजार के दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर फर्जीवाड़े का आरोप, डीएम से जांच की मांग

​बलरामपुर जिले के महदेईया बाजार में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली अब प्रशासनिक जांच के घेरे में आ गई है।


mahdeiya bazar महदेईया बाजार के दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर फर्जीवाड़े का आरोप डीएम से जांच की मांग

Mahdeiya Bazar: महदेईया बाजार के दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर फर्जीवाड़े का आरोप, डीएम से जांच की मांग |

योगेंद्र त्रिपाठी, बलरामपुर: ​बलरामपुर जिले के महदेईया बाजार में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली अब प्रशासनिक जांच के घेरे में आ गई है। बाजार स्थित जनता डायग्नोस्टिक और सविता पैथोलॉजी एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र पर गंभीर अनियमितताओं और संदिग्ध कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की गुहार लगाई गई है। नगर के पूरबटोला निवासी रूपेश कुमार मिश्रा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर दोनों केंद्रों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।

शिकायतकर्ता के आरोप

​शिकायतकर्ता के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 3:30 से 3:36 बजे के बीच उन्होंने जनता डायग्नोस्टिक में अल्ट्रासाउंड कराया था। आरोप है कि केंद्र द्वारा दी गई जांच आख्या पर न तो केंद्र का नाम दर्ज था और न ही दूरभाष संख्या व पीसी-पीएनडीटी संख्या का कोई उल्लेख था। इतना ही नहीं, रिपोर्ट पर किसी योग्य चिकित्सक के हस्ताक्षर तक मौजूद नहीं थे, जिससे जांच करने वाले व्यक्ति की तकनीकी योग्यता और केंद्र की वैधानिक मान्यता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

​जनता डायग्नोस्टिक की रिपोर्ट लगी संदिग्ध

​जनता डायग्नोस्टिक की रिपोर्ट संदिग्ध लगने पर रूपेश कुमार ने उसी दिन दोपहर 3:41 से 3:50 बजे के बीच महदेईया बाजार स्थित सविता पैथोलॉजी एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र में दोबारा जांच कराई। वहां जांच शुल्क 820 रुपए बताया गया, जिसमें से 800 रुपए का डिजिटल माध्यम से भुगतान किया गया। सविता केंद्र की रिपोर्ट में भी चिकित्सक का नाम और पीसी-पीएनडीटी पंजीकरण अथवा नवीनीकरण संख्या दर्ज नहीं पाई गई।

अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की मांग

​शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से दोनों केंद्रों के वैधानिक दस्तावेज, पंजीकरण, अनुमति और जांचकर्ताओं की शैक्षणिक व तकनीकी योग्यता की गहन जांच कराने की मांग की है। साथ ही जनता डायग्नोस्टिक के खिलाफ कथित कूटरचित रिपोर्ट जारी करने के आरोप में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने और सविता केंद्र में पाई जाने वाली अनियमितताओं पर विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की है। मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही असल स्थिति सामने आएगी।

अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर फर्जीवाड़े का आरोप

बता दें कि बलरामपुर जिले में लगभग 100 पैथोलॉजी और 50 से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्र निजी हाथों के द्वारा संचालित होते हैं। यहां पर दो-तीन केंद्रों को छोड़कर ना तो किसी अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीसी-पीएनटी है। ना ही कोई पैथोलॉजी सेंटर पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर को बिठाकर अपनी पैथोलॉजी सेंटर पर खून, पेशाब, बलगम इत्यादि की जांच करवाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। जब हर चौराहे पर बड़े पैमाने पर इस तरह के अवैध और फर्जी पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की इन पर नजर क्यों नहीं पड़ रही है? क्या उनके ऊपर दबाव है या भ्रष्टाचार का गहरा प्रभाव है?