राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र अंतर्गत मलेसेमऊ स्थित एक कॉलोनी से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला मामला सामने आया है।
डॉ अतुल मोहन सिंह, लखनऊ: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र अंतर्गत मलेसेमऊ स्थित एक कॉलोनी से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक युवती ने अपने सौतेले पिता पर वर्षों तक यौन शोषण करने और अपनी ही मां पर झांसा देकर बिना सहमति चार महीने का गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने माता-पिता दोनों के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात कराने और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
12 की उम्र से शोषण का आरोप
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, जब वह महज 6 वर्ष की थी, तब उसकी मां ने उसके पिता से तलाक लेकर दूसरी शादी कर ली थी। मां अपने साथ पीड़िता और उसके तीन अन्य भाई-बहनों को भी ले गई थी। पीड़िता का आरोप है कि जब वह करीब 12 वर्ष की हुई, तभी से उसके सौतेले पिता ने उसके साथ यौन शोषण करना शुरू कर दिया था। पीड़िता ने जब इस घटना की जानकारी अपनी मां को दी, तो मां ने कोई कदम उठाने के बजाय चुप्पी साध ली।
शादी, जबरन तलाक और घर छोड़ने की दास्तान
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2022 में परिजनों ने उसका निकाह कराया था, लेकिन कुछ ही समय बाद सौतेले पिता ने दबाव बनाकर उसका तलाक करवा दिया। वर्ष 2023 में पीड़िता ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई न होने से आहत होकर साल 2024 में उसने घर छोड़ दिया और बाहर नौकरी करने लगी।
गर्भपात और कोर्ट मैरिज का अंत
घर छोड़ने के बाद पीड़िता ने एक अन्य युवक से कोर्ट मैरिज कर ली और गर्भवती होने पर अपने पति के साथ महोबा चली गई। आरोप है कि इस दौरान उसकी मां ने उसके पति पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। इसके बाद साजिश के तहत झांसा देकर पीड़िता को वापस घर बुलाया गया और उसकी मर्जी के खिलाफ उसका चार महीने का गर्भपात करा दिया गया। जब पीड़िता के पति को इस जबरन गर्भपात की जानकारी हुई, तो उसने अदालत में तलाक की याचिका दाखिल कर दी।
पुलिस ने शुरू की जांच
पति से अलग होने और मानसिक प्रताड़ना के बाद पीड़िता ने गोमतीनगर विस्तार थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। आरोपी सौतेले पिता और मां के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम और षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल परीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।