छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने शव सड़क पर रखकर अंबिकापुर-बनारस मार्ग जाम कर दिया और मुआवजे की मांग की है।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत के बाद गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक का शव अंबिकापुर-बनारस मुख्य मार्ग पर रखकर पोड़ी मोड़ के पास सड़क जाम कर दी। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन खबर लिखे जाने तक जारी रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
हाथी ने कुचलकर ली जान
जानकारी के अनुसार, ग्राम सिंघरा निवासी रामलाल बुधवार के दिन अपनी बाइक से ग्राम सरहरी गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में अचानक उनका सामना हाथी से हो गया। हाथी ने रामलाल को कुचल दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमले में उनकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
मुआवजे और नौकरी की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतक के आश्रितों को 20 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के सदस्यों को वन विभाग में स्थायी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे।
प्रशासन ने दिया 6 लाख मुआवजे का प्रस्ताव
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। प्रशासन ने शासन के निर्धारित प्रावधान के तहत 6 लाख रुपये मुआवजे की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने और परिवार के दो सदस्यों को वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी के तौर पर काम देने पर सहमति जताई। साथ ही निर्धारित राशि से अधिक मुआवजे के लिए शासन को पत्र भेजने का आश्वासन दिया गया।
प्रस्ताव पर नहीं माने ग्रामीण
हालांकि प्रशासन के प्रस्ताव के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों पर कायम रहे। प्रदर्शन जारी रहने के कारण अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर मालवाहक वाहनों के साथ यात्री बसें भी फंसी रहीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रतापपुर में सालभर रहता है हाथियों का विचरण
प्रतापपुर वन परिक्षेत्र हाथियों के विचरण के लिए जाना जाता है। यहां हाथियों के अनुकूल वातावरण होने के कारण पूरे साल उनका आवागमन बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी के बीच सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।