दमोह में मकान की खुदाई के दौरान ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्के मिलने से हड़कंप मच गया। मजदूरों ने 35 किलो चांदी मिलने का दावा किया, पुलिस और ASI जांच में जुटी।
दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक मकान की खुदाई के दौरान मिले ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्कों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मामला फुटेरा वार्ड क्रमांक-3 का है, जहां एक पुराने पैतृक मकान में निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को जमीन के नीचे से सिक्के मिलने का दावा किया गया।
घटना के बाद विवाद तब बढ़ गया जब मजदूरों ने आरोप लगाया कि मकान मालिक बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के और रॉड अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि करीब 35 किलो चांदी निकली थी, लेकिन उन्हें सिर्फ 500 रुपए देकर वहां से भगा दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
खुदाई में मिला कलश और फिर सामने आए सिक्के
मजदूरों के मुताबिक शनिवार दोपहर पिलर की खुदाई के दौरान पहले मिट्टी के अंदर एक पीतल का कलश मिला। जब उसे खोला गया तो उसमें चांदी का सिक्का दिखाई दिया। इसके बाद जब आसपास और खुदाई की गई तो मिट्टी से कई और चांदी के सिक्के और कुछ चांदी की रॉड मिलने लगीं। मजदूरों का दावा है कि सिक्कों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्हें बाल्टी में भरकर अंदर ले जाया गया। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मजदूरों के आरोप के बाद पहुंची पुलिस
मजदूर हीरा पटेल ने बताया कि उन्होंने मकान मालिक आलोक सोनी को इसकी जानकारी दी। आरोप है कि मकान मालिक ने सभी सिक्के अपने कब्जे में ले लिए और मजदूरों को हिस्सा देने के बजाय मामूली रकम देकर वहां से भेज दिया। इसके बाद मजदूर गांव पहुंचे और पूर्व सरपंच मुरारी तिवारी को पूरी घटना बताई। सूचना पुलिस तक पहुंची तो रविवार को कोतवाली टीआई मनीष कुमार, तहसील प्रशासन और पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने खुदाई वाले गड्ढे का निरीक्षण किया और फिर मकान मालिक के पास से कुछ सिक्के बरामद किए।
अब तक 42 चांदी के सिक्के बरामद
पुलिस के मुताबिक अब तक 42 चांदी के सिक्के बरामद किए गए हैं। कुछ सिक्के सामने बने दूसरे घर में स्टील के डिब्बे में छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें भी जब्त किया गया। हालांकि मजदूर लगातार दावा कर रहे हैं कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कितनी मात्रा में सिक्के मिले थे।
महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की तस्वीर वाले सिक्के
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार बरामद सिक्के ब्रिटिश काल के हैं। इन पर महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की तस्वीर उकेरी गई है। प्रारंभिक जांच में इन्हें 18वीं से 19वीं शताब्दी के बीच का बताया गया है। पुरातत्व विभाग ने इसकी जानकारी जबलपुर स्थित वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है। विशेषज्ञ अब यह जांच करेंगे कि यह कोई निजी संग्रह था या फिर ऐतिहासिक महत्व का छिपा हुआ खजाना।
मकान मालिक ने खारिज किए मजदूरों के आरोप
मकान मालिक आलोक सोनी ने मजदूरों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि खुदाई में सिर्फ एक कलश और कुल 42 सिक्के ही मिले थे। उन्होंने कहा कि मजदूर ज्यादा हिस्सेदारी और दबाव बनाने के लिए 35 किलो चांदी मिलने जैसी बातें फैला रहे हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। इस घटना के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुटी रही और पूरे दिन ब्रिटिश कालीन खजाने की चर्चा होती रही।