छत्तीसगढ़ सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीदों की विधवाओं को संपत्ति रजिस्ट्री में बड़ी राहत दी है। अब ₹25 लाख तक की प्रॉपर्टी पर स्टाम्प शुल्क में छूट मिलेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए संपत्ति रजिस्ट्री को सस्ता बनाने की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत अब पात्र सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला देश सेवा करने वाले जवानों और शहीद परिवारों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नियम लागू भी कर दिए गए हैं।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन सैनिक परिवारों पर पड़ेगा जो लंबे समय से घर खरीदने या संपत्ति अपने नाम कराने की योजना बना रहे थे लेकिन बढ़ते रजिस्ट्री खर्च के कारण पीछे हट रहे थे।
किसे मिलेगा स्टाम्प शुल्क में फायदा?
नई नीति के तहत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की विधवाओं को राहत दी जाएगी। पात्र हितग्राहियों को ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह लाभ सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा। यानी एक व्यक्ति दोबारा इस योजना का फायदा नहीं उठा सकेगा। अगर संपत्ति की कीमत ₹25 लाख से ज्यादा होती है, तो अतिरिक्त राशि पर सामान्य नियमों के अनुसार स्टाम्प शुल्क देना होगा।
घर खरीदने का खर्च कितना कम होगा?
फिलहाल छत्तीसगढ़ में संपत्ति रजिस्ट्री पर करीब 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लिया जाता है। ऐसे में नई छूट से सैनिक परिवारों का खर्च काफी हद तक कम हो सकता है। उदाहरण के तौर पर देखें तो ₹25 लाख की प्रॉपर्टी पर लगने वाले शुल्क में हजारों रुपये की राहत मिल सकती है। खासकर रिटायर्ड सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए यह फैसला सीधे आर्थिक मदद जैसा माना जा रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे सरकारी कर्मचारियों और रक्षा सेवा से जुड़े परिवारों में प्रॉपर्टी खरीदने का रुझान भी बढ़ सकता है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
राज्य सरकार इसे सिर्फ आर्थिक राहत नहीं, बल्कि सम्मान से जुड़ा कदम बता रही है। अधिकारियों के मुताबिक लंबे समय से सैनिक संगठनों की तरफ से ऐसी मांग उठ रही थी। सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले जवानों को नागरिक सुविधाओं में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यही वजह है कि रजिस्ट्री जैसे बड़े खर्च में राहत देने का फैसला किया गया। यह कदम ऐसे समय आया है जब कई राज्य पूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रहे हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए क्या जरूरी होगा?
इस छूट का फायदा लेने के लिए आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना जरूरी है। आवेदन के साथ निवास प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा सैनिक, पूर्व सैनिक या शहीद की विधवा होने से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज भी देने होंगे। सरकार ने शपथ पत्र जमा करना भी जरूरी किया है ताकि योजना का दुरुपयोग न हो। रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज सत्यापन के बाद ही स्टाम्प शुल्क में छूट लागू की जाएगी।