छत्तीसगढ़ के BJP विधायक दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह समारोह में तरुणा साहू से शादी की। फेरों के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद दूल्हा-दुल्हन और मेहमान कुर्सियां, गद्दे और छाते से खुद को बचाते नज
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में रविवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। भाजपा विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शादी रचाई, लेकिन फेरों के दौरान मौसम ने ऐसा करवट ली कि पूरा आयोजन चर्चा का विषय बन गया। विवाह समारोह में विधायक समेत 21 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधे। रस्में चल ही रही थीं कि अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन से लेकर मेहमानों तक हर कोई खुद को भीगने से बचाने की जुगत में जुट गया।
सोशल मीडिया पर समारोह के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग कुर्सियां, गद्दे और छाते सिर पर रखकर बारिश से बचते दिखाई दे रहे हैं।
सामूहिक विवाह में विधायक ने लिए सात फेरे
बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने बीपीएल परिवार की तरुणा साहू के साथ विवाह किया। खास बात यह रही कि उन्होंने निजी आयोजन के बजाय सरकारी योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को चुना। सरकारी शिक्षक से राजनीति तक का सफर तय करने वाले दीपेश साहू का यह फैसला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। समारोह में अन्य 20 जोड़ों ने भी वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
बैलगाड़ी पर निकली बारात
विवाह से पहले सभी दूल्हे ई-रिक्शा से सर्किट हाउस पहुंचे। इसके बाद पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ी पर बारात निकाली गई। बारात में लोक संस्कृति की झलक भी दिखाई दी। पारंपरिक परी डांस और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। ग्रामीण परिवेश और आधुनिक व्यवस्था का यह संगम लोगों को खासा पसंद आया।
फेरों के बीच बारिश ने बिगाड़े इंतजाम
विवाह की रस्में चल रही थीं कि अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। आयोजन स्थल पर बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूल्हा-दुल्हन मंडप में बैठे रहे, जबकि उनके परिजन और मेहमान भीगने से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। बारिश के कारण कुछ देर के लिए समारोह की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं, लेकिन रस्में जारी रहीं।
कुर्सियां और गद्दे बने बारिश से बचाव का सहारा
बारिश से बचने के लिए लोगों ने जो भी सामान आसपास मिला, उसी का इस्तेमाल किया। कई लोगों ने प्लास्टिक की कुर्सियां सिर पर रख लीं, तो कुछ ने जमीन पर बिछे गद्दों को ही ढाल बना लिया। दूल्हा-दुल्हन भी छातों और अस्थायी इंतजामों के सहारे रस्में पूरी करते दिखाई दिए। यह दृश्य समारोह में मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों में कैद हो गया। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो ने इस शादी को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया है।
योजना की राशि छात्राओं की पढ़ाई पर करेंगे खर्च
विधायक दीपेश साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता वे अपने निजी उपयोग में नहीं लेंगे। उनका कहना है कि यह राशि मेधावी छात्राओं की शिक्षा के लिए खर्च की जाएगी। उन्होंने इसे सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा फैसला बताया। शादी के साथ-साथ विधायक का यह ऐलान भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में बना हुआ है।