भोपाल में पब और बार की टाइमिंग को लेकर नया आदेश जारी हुआ है। रात 11:30 बजे तक सीमा तय होने से कारोबार और राजस्व पर असर की चर्चा तेज हो गई है।
प्रमोद दुबे
भोपाल: राजधानी भोपाल मैं कई वर्षों से संचालित पब , एवं बार में टाइम बाउंडेशन के मामले को लेकर शराब कारोबारियों, बार संचालकों के समक्ष व्यापारिक चुनौती सामने आ गई। 24 घंटे पूर्व ही भोपाल पुलिस कमिश्नर ने एक आदेश जारी करते हुए राजधानी के बार , एवं पब को रात्रि 11:30 बजे से अधिक का समय ना देते हुए टाइम बाउंडेशन कर दिया है। अर्थात अब राजधानी में 11:30 के बाद यह व्यापार बंद कर दिया जाएगा । उपरोक्त आदेश के बाद इन स्थानों पर शराब कारोबार पूरी तरह बंद हो जाएगा। जिसका सीधा-सीधा असर राजस्व पर पड़ेगा।
शराब व्यापारी एवं आबकारी विभाग के समक्ष राजस्व की चुनौती
उपरोक्त संबंध में आदेश जारी करते हुए कल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने संचालकों के साथ बैठक में आदेश जारी करते हुए कहा कि अगर 12:00 बजे के बाद कोई भी इस तरह का कारोबार चालू मिलता है तो तुरंत प्रभाव से लाइसेंस कर दिए जाएगा। वहीं दूसरी ओर संचालकों का कहना था कि वर्षों से 12:00 तक का नियम लागू है परंतु इवेंट प्रोग्राम एवं अन्य कार्यक्रम जो आयोजित समय-समय पर की जाती है उनके आयोजन के समय यह सीमा दो से तीन घंटे बढ़ा दी जाती है।
यह परमिशन आबकारी विभाग द्वारा दी जाती है। ऐसी स्थिति में पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद यह अतिरिक्त परमिशन शासन के नियम के अनुसार भी हमें नहीं मिल पाएंगी। इससे कारोबार को बड़ा नुकसान होगा। वहीं दूसरी और आबकारी विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार के नियम के अनुसार 12:00 बजे के बाद इस मामले में परमिशन का अधिकार विभाग को अभी भी है। परंतु इस तरह के पुलिस कमिश्नर के कठोर आदेश के कारण अब शासन के नियमों का पालन करना कठिन हो जाएगा।
इवेंट से लेकर संपूर्ण कारोबार में करोड़ों का होगा नुकसान -संचालक
भोपाल के शराब कारोबारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार को सर्वाधिक राजस्व का लाभ आबकारी विभाग के माध्यम से शराब के कारोबार में होता है । भोपाल में लगभग 100 से अधिक बार एवं पब संचालित है , अधिकांशतः इवेंट एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन शनिवार एवं रविवार को होता है । जिसके कारण शराब की अधिक बिक्री होती है । एवं शराब कारोबार से लेकर शासकीय राजस्वृद्धि होती है । परंतु अगर यह देर रात तक की परमिशन नहीं प्राप्त होती है तो बड़ा नुकसान होगा और सभी इवेंट कार्यक्रम निरस्त करना पड़ेंगे । वहीं दूसरी और आबकारी विभाग का कहना है कि पुलिस कमिश्नर के आदेश का सम्मान है , परन्तु राजस्व के संबंध में विभाग में जो नियम बनाया है उसके अनुसार 2 घंटे से 3 घंटे अतिरिक्त परमिशन विभाग एक निर्धारित शुल्क के अनुसार लेता है । उपरोक्त शुल्क का भी नुकसान होगा और राजस्व की कमी भी होगी । इस मामले में राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा । कुल मिलाकर संपूर्ण मामले को लेकर अब एक तरफ पुलिस कमिश्नर का आदेश है दूसरी तरफ आबकारी विभाग के अपने तर्क ,वहीं बार संचालकों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है ।
प्रमोद दुबे