भोपाल में लोकायुक्त ने बिजली मीटर लगाने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते एई राजेंद्र वरवड़े और जेई अमित कुमार उपाध्याय को पकड़ा।
भोपाल। राजधानी में लोकायुक्त ने बुधवार की शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत मंडल कार्यालय छोला में पदस्थ सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई में एई राजेंद्र वरवड़े और जेई अमित कुमार उपाध्याय को 15 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
आरोपियों ने बिजली मीटर लगाने के एवज में घूस मांगी थी। शिकायतकर्ता तारिक सिद्दीकी के अनुसार अपने मकान में किरायेदार रखने के लिए नया बिजली मीटर लगवाना चाहता था। इसके लिए वह छोला स्थित विद्युत कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि अधिकारियों ने मकान से जुड़े पुराने मामले का हवाला देते हुए चालान बनाने की बात कही और इस कार्रवाई से बचाने तथा मीटर लगवाने के बदले 20 हजार की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता तारिक का कहना था कि वह रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। इसकी शिकायत उसने 7 सितंबर को लोकायुक्त भोपाल में शिकायत की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद आरोप सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने बुधवार को कार्रवाई की। इस दौरान दोनों अधिकारियों को 15 हजार की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले सहित टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।
आरोपी ने पूछा आप कौन, अंदर कैसे आए?
छोला स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में बुधवार को जब लोकायुक्त की टीम पहुंची, और वहां पदस्थ जूनियर इंजीनियर अमित कुमार उपाध्याय और एई राजेन्द्र वरवड़े को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। लोकायुक्त की टीम जब दफ्तर में पहुंची, तो जूनियर इंजीनियर ने अफसरी दिखाते हुए पूछा कि आप कौन, अंदर कैसे आए? जिस पर जवाब मिला कि मैं लोकायुक्त डीएसपी और ये मेरी टीम। ये जवाब सुनते ही दफ्तर में सन्नाटा पसर गया।