भोपाल जिले में 1 से 30 मई तक जनगणना का पहला चरण, 16 अधिकारियों की टीम गठित, प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।
भोपाल। लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार जनगणना की तारीख तय हो गई है। भोपाल जिले में 1 मई से 30 मई तक जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होगा। इस बार की जनगणना कई मायनों में अलग और आधुनिक होगी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी।कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को जिले का प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में 16 अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो इस बड़े अभियान की कमान संभालेगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण का काम होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।
डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया
इस बार नागरिकों को भी सक्रिय भूमिका दी जा रही है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लोग स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल ऐप के माध्यम से भी डेटा संकलन किया जाएगा।जिला प्रशासन के अनुसार, करीब 20 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई जाएगी। इनमें शिक्षा विभाग, राजस्व, नगर निगम, बीएलओ और शिक्षक शामिल होंगे। इतने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
कौन-कौन हैं टीम में शामिल
टीम में दो जिला जनगणना अधिकारी के रूप में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और डिप्टी कलेक्टर भुवन गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे, डीईओ नीरज अहिरवार, सांख्यिकी अधिकारी प्रेमा खाखा, पीआरओ अरुण शर्मा, सूचना विज्ञान अधिकारी एमएल अहिरवार, एसडीएम विनोद सोनकिया, आशुतोष शर्मा, पीसी पांडेय, तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी, दिलीप चौरसिया, एनएस परमार और राजेंद्र सक्सेना समेत अन्य अधिकारी भी टीम में शामिल हैं।प्रशासन का कहना है कि सभी अधिकारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि किसी तरह की तकनीकी या मैदानी समस्या न आए।
मकान से लेकर मोबाइल तक की जानकारी
मकान सूचीकरण के दौरान नागरिकों से कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। इसमें भवन नंबर, दीवार और छत की सामग्री, मकान का उपयोग, स्थिति जैसी बुनियादी जानकारी शामिल होगी।परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग (जजा, अजजा या अन्य) का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही पेयजल का स्रोत, बिजली की सुविधा, शौचालय की उपलब्धता, गंदे पानी की निकासी, एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं का भी ब्यौरा लिया जाएगा। परिवार के पास साइकिल, मोटरसाइकिल, कार या अन्य वाहन हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
केंद्र सरकार द्वारा जारी राजपत्र में साफ किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका उपयोग किसी अदालत या जांच में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि जनगणना के आंकड़े ही आगे चलकर विकास योजनाओं की नींव बनते हैं। अब देखना होगा कि डिजिटल जनगणना का यह प्रयोग जमीनी स्तर पर कितना सफल रहता है, फिलहाल तैयारी जोरों पर है।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
केंद्र सरकार द्वारा जारी राजपत्र में साफ किया गया है कि एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इनका उपयोग किसी अदालत या जांच में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी दें क्योंकि जनगणना के आंकड़े ही आगे चलकर विकास योजनाओं की नींव बनते हैं अब देखना होगा कि डिजिटल जनगणना का यह प्रयोग जमीनी स्तर पर कितना सफल रहता है, फिलहाल तैयारी जोरों पर है।