बरगी बांध क्रूज हादसे में मारे गए आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके बेटे का शव सोमवार सुबह फ्लाइट से तमिलनाडु भेजा गया। शव में बदबू आने से विमान चालक ने फ्लाइट में देरी की।
जबलपुर: बरगी बांध क्रूज हादसा में कई लोग मारे गए। इनमें कुछ लोग दूसरे राज्य से भी थे। इन्हीं में आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके बेटा शामिल है। उनका शव सोमवार सुबह 8:30 बजे चार्टर्ड जेट के माध्यम से तमिलनाडु के लिए रवाना किया गया। इस प्रक्रिया में कुछ असामान्य घटनाएं घटीं, जिनकी वजह से फ्लाइट में देरी हुई।
क्या हुआ था हादसे के दौरान?
30 अप्रैल को बरगी बांध में एक क्रूज दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल थीं, जबकि 28 लोग सुरक्षित बचाए गए। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि खराब मौसम के अलर्ट की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ था।
शव भेजने में आई रुकावट
रविवार को शवों को खमरिया अस्पताल से एंबुलेंस द्वारा डुमना एयरपोर्ट भेजा गया था, लेकिन त्रिची में खराब मौसम के कारण फ्लाइट लैंड नहीं कर सकी। इसके बाद शवों को फिर से मरचुरी में भेजना पड़ा। सोमवार को शवों के भेजने की प्रक्रिया में एक और अप्रत्याशित घटना सामने आई। फ्लाइट ऑपरेटर ने शवों को विमान में रखने से इंकार कर दिया क्योंकि डी-कंपोज हो रही बॉडी से बदबू आ रही थी। इसके कारण फ्लाइट में देरी हुई।
एसडीएम की त्वरित कार्रवाई
घटना के बारे में जानकारी मिलते ही रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन ने त्वरित कार्रवाई की और विमान में शव के आसपास परफ्यूम स्प्रे कराया। इसके बाद शवों को कॉफिन में सील किया गया, तब जाकर फ्लाइट त्रिची के लिए रवाना हो सकी।
अन्य शवों की भी हो रही है प्रक्रिया
इससे पहले शनिवार को दो महिला मृतकों के शव विमान के माध्यम से उनके गृह राज्यों भेजे गए थे। रविवार को एक और शव को कार्गो फ्लाइट से रवाना किया गया। मृतकों की पहचान की जा चुकी है, और उनके परिवारों तक शवों को पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
बड़ी घटना और अहम तथ्य
30 अप्रैल को हुआ बरगी बांध क्रूज हादसा हुआ।
13 मौतें: इनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल
28 लोग सुरक्षित बचाए गए
मौसम के अलर्ट की अनदेखी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।