मध्य प्रदेश के अशोकनगर में फर्जी IAS अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपये ठगी हुई। ठगी करने वाले भाई-बहन को चंदेरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
संजय श्रोत्रिय, चंदेरी। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पुलिस ने फर्जी IAS अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक भाई-बहन की जोड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चंदेरु के कुछ युवकों को झांसा देकर करीब 9 लाख 80 हजार रुपये की ठगी की थी।
दरअसल, चंदेरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर ठगों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 30 वर्षीय तृप्ति सिंह और उसका 23 वर्षीय भाई सुधांशु सिंह शामिल हैं। ये दोनों भोपाल के संत आशाराम नगर, बाग मुगालिया के रहने वाले हैं।
टूरिस्ट से अफसर बनकर की मुलाकात
पुलिस के मुताबिक, फरियादी जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी ने बताया की यह लोग चंदेरी भ्रमण पर आए थे। वे यहां के 'किला कोठी' होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात आरोपी तृप्ति सिंह से हुई। तृप्ति सिंह ने खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग का 'एडिशनल डायरेक्टर' बताकर इन युवकों पर अपना प्रभाव जमाया।
नौकरी के नाम पर 9.80 लाख रुपये लिए
इतना ही नहीं, आरोपियों ने युवकों को झांसा दिया कि वे मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उनकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। तृप्ति ने खुद को उस विभाग का हेड बताया। नौकरी लगवाने के बदले प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपये की मांग की गई थी। झांसे में आकर पीड़ितों ने आरोपियों को कुल 9 लाख 80 हजार रुपये नगद और अपने शैक्षणिक दस्तावेज सौंप दिए। बाकी के 2 लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी।
किला कोठी होटल से गिरफ्तार हुए दोनों
जब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने चंदेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने थाना प्रभारी प्रशांत यादव के नेतृत्व में तुरंत पुलिस टीमें गठित कीं। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र और तकनीकी संसाधनों की मदद से किला कोठी होटल से ही दोनों भाई-बहन को महिला पुलिस की मौजूदगी में हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
चंदेरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों तनुज वैश्य और अंजलि सिंह की तलाश अभी जारी है।