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Anandpur News

Anandpur News: आनंदपुर को मिला डॉक्टर, लेकिन उनारसी कलां को अब भी इंतजार

एक तरफ आनंदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को नया डॉक्टर मिल गया है, वहीं दूसरी तरफ उनारसी कलां क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।


anandpur news आनंदपुर को मिला डॉक्टर लेकिन उनारसी कलां को अब भी इंतजार

Anandpur News: आनंदपुर को मिला डॉक्टर, लेकिन उनारसी कलां को अब भी इंतजार |

आनंदपुर से आशुतोष: एक तरफ आनंदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को नया डॉक्टर मिल गया है, वहीं दूसरी तरफ उनारसी कलां क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। लगभग दो करोड़ रुपये से की लागत से तैयार हुआ उनारसी कलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीते 10 महीनों से बनकर खड़ा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण इसके मुख्य द्वार पर आज भी ताला लटका हुआ है। बिजली कनेक्शन और फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह अस्पताल फिलहाल सफेद हाथी साबित हो रहा है।

भवन तो बना, पर न बिजली, न फर्नीचर

सूत्रों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पिछले साल अक्टूबर में ही पूरा हो चुका था। लेकिन बुनियादी आवश्यकताओं, जैसे बिजली सप्लाई और टेबल-कुर्सियां का इंतजाम नहीं किया गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि विभाग यहां डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति कर भी दे, तो वे कहां बैठेंगे और बिना बिजली के चिकित्सकीय जांच व प्राथमिक उपचार कैसे संभव होगा?

42 गांवों की 30 हजार आबादी प्रभावित

जिला मुख्यालय से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित इस सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र के अंतर्गत करीब 42 गांव आते हैं, जिनकी कुल आबादी लगभग 30 हजार है। क्षेत्र में कोई निजी अस्पताल भी नहीं है। स्थानीय नागरिक सुरेंद्र यादव ने बताया कि अस्पताल बनने से उम्मीद जगी थी कि आपात स्थिति में समय पर इलाज मिल सकेगा, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र चालू न होना निराशाजनक है।

वही ग्रामीण राजेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि बारिश के दिनों में किसी मरीज या गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर निजी वाहन करके आरोन या अन्य दूरदराज के अस्पतालों तक जाना पड़ता है। आसपास के ग्रामीणों को पहले उनारसी आना पड़ता है और फिर वहां से आगे का सफर तय करना होता है, जिससे समय और पैसे दोनों की भारी बर्बादी होती है।

विधायक और पूर्व मंत्री के प्रयासों पर पानी फेर रहा विभाग

क्षेत्रीय ग्रामीणों की सालों पुरानी मांग पर स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा और पूर्व मंत्री स्वर्गीय लक्ष्मीकांत शर्मा के विशेष प्रयासों से इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति मिली थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ धरातल पर आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।

क्यों बोले सरपंच प्रतिनिधि?

उनारसी कलां की सरपंच कमलेश बाई व सरपंच प्रतिनिधि राजेश यादव ने कहा कि उनारसी कलां जिला मुख्यालय का अंतिम छोर है। बारिश के मौसम में सड़कों की हालत और कनेक्टिविटी खराब होने से गर्भवती महिलाओं तथा बुजुर्गों को अस्पताल तक पहुंचाना बेहद जोखिम भरा होता है। यदि विभाग गंभीरता से संज्ञान लेकर बिजली, फर्नीचर व स्टाफ की व्यवस्था कर इसे शुरू कर दे, तो कई गंभीर स्थितियों से मरीजों को बचाया जा सकता है।