केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल के गोपालक सम्मेलन में 31 दिसंबर 2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों पर भी बात की है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन के मंच से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। शाह के अनुसार, इसके लिए मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ बारीकी से योजना बनाई जा रही है। ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।
माताओं और अभिभावकों से किया वादा
अपने संबोधन में शाह ने प्रदेश के अभिभावकों, खासकर माताओं को भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ जल्द एक अहम बैठक होने वाली है। इसमें तय किया जाएगा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश नारकोटिक्स और नशे की समस्या से मुक्त हो जाए। शाह ने कहा कि इसके बाद प्रदेश के किसी बेटे या बेटी के भविष्य पर नशे का साया नहीं पड़ेगा।
दुग्ध उत्पादन में भारत सबसे आगे
सहकारिता मंत्री के तौर पर शाह ने देश के दूध उत्पादन पर भी प्रयास डाला। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे ज्यादा दूध पैदा करने वाला देश है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश का अनुमानित सालाना दूध उत्पादन 2020-21 में करीब 209.96 मिलियन टन था। यह 2024-25 में बढ़कर लगभग 247.87 मिलियन टन हो गया। शाह ने यह भी बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रोजाना दूध उत्पादन 7 करोड़ लीटर से बढ़कर 25 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है। उसके अनुसार सरकार गोपालकों और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।
नई न्याय व्यवस्था पर शाह का दावा
शाह ने पुरानी व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि उसे लंबे समय तक तारीख पर तारीख के लि जाना जाता रहा। उन्होंने दावा किया कि नई आपराधिक न्याय व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय दिलाने की व्यवस्था मजबूत हो जाएगी। उनका कहना था कि नए कानूनों के बाद न्याय की प्रक्रिया में बदलाव आया है। साथ ही सरकार का मकसद लोगों को समय पर न्याय देना है।