754 विमानों की जांच में Air India और Indigo के कई विमानों में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। अधिकांश D कैटेगरी की दिक्कतें ।
नई दिल्ली। देश की हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जनवरी 2025 से छह प्रमुख एयरलाइंस के कुल 754 विमानों की DGCA ने तकनीकी जांच की। रिपोर्ट में सामने आया कि 377 विमानों में बार-बार तकनीकी खराबी (Repetitive Defects) देखी गई। यानी कुछ खराबियां ठीक होने के बावजूद फिर से सामने आईं।
एयर इंडिया और इंडिगो सबसे आगे
एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में 191 (करीब 72%) में रिपीटेटिव डिफेक्ट पाए गए। इसके बाद इंडिगो की बारी थी। इंडिगो के 405 विमानों में से 148 विमानों में भी यही समस्या पाई गई। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा के लिहाज से बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया। इसमें शामिल थे:
एअर इंडिया का बयान
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि ज्यादातर दिक्कतें D कैटेगरी में हैं, जिनका सुरक्षा पर कोई असर नहीं। D कैटेगरी में सीटें, ट्रे टेबल, सीटों के पीछे स्क्रीन जैसी चीजें आती हैं। एयरलाइन के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने बताया कि एयरक्राफ्ट के उपकरणों को A, B, C, D में बांटा गया है। A, B, C में सुरक्षा-संबंधी प्राथमिकताएं हैं, जबकि D में कम प्राथमिकता वाली चीजें आती हैं।
एग्जीक्यूटिव ने कहा कि अगले दो साल में नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट के लिए रेट्रोफिट प्रोग्राम शुरू होने के बाद ये D कैटेगरी की दिक्कतें भी हल हो जाएंगी। DGCA की रिपोर्ट और एयरलाइन की सफाई के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।