ग्वालियर में बनी 2000 ‘प्रहार’ LMG भारतीय सेना को सौंपी गईं। अदाणी डिफेंस की यह उपलब्धि रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी हथियार निर्माण को मजबूत करती है।
भारत के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड का हिस्सा, अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को स्वदेश में बनी 'प्रहार' 7.62 मिमी लाइट मशीन गन की 2,000 इकाइयाँ सौंपी हैं। यह भारत की छोटे हथियार बनाने की क्षमता के लिए एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है।
पहली खेप की यह आपूर्ति सिर्फ 7 महीनों में पूरी कर ली गई, जो तय समय से 11 महीने पहले है। उत्पादन का पहला मॉडल 6 महीने में तैयार हो गया, जबकि इसके लिए 18 महीने का समय निर्धारित था। इसके बाद बल्क प्रोडक्शन की मंजूरी मिली, जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो सकी।इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के डीजी एक्विजिशन और अतिरिक्त सचिव ए. अनबरासु के साथ भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

खासियत
रक्षा को मजबूती
ग्वालियर में स्थित अदाणी डिफेंस की स्मॉल आर्म्स फैसिलिटी में तैयार की जा रही 'प्रहार' एलएमजी देश की पहली पूरी तरह इंटीग्रेटेड निजी क्षेत्र की स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई है। इससे देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी.इस इकाई में बैरल बनाने से लेकर बोल्ट कैरियर और रिसीवर तैयार करने तक, रोबोटिक्स सहित सभी आधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं।

खासियतें
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सटीक, मजबूत और भरोसेमंद लाइट मशीन गन
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ओपन बोल्ट सिस्टम पर काम करती है, गैस पिस्टन और रोटेटिंग बोल्ट लॉकिंग के साथ
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सेफ, सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक मोड में फायरिंग की सुविधा
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कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए गैस रेगुलेटर
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120 राउंड के असॉल्ट ड्रम या बेल्ट चेन से फीड होती है
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मजबूत और टिकाऊ बायपॉड
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फील्ड में आसानी से खोलकर मेंटेनेंस की सुविधा
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एडजस्ट होने वाला बट स्टॉक और चीक रेस्ट
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अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स
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बैकअप आयरन साइट्स