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Satna Dengue news

Satna Dengue: डेंगू से 60 वर्षीय महिला की मौत, परिवार के तीन सदस्य बीमार

शहर की जीवन ज्योति कॉलोनी में डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित 60 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है।


satna dengue डेंगू से 60 वर्षीय महिला की मौत परिवार के तीन सदस्य बीमार

Satna Dengue: डेंगू से 60 वर्षीय महिला की मौत, परिवार के तीन सदस्य बीमार |

अमन शुक्ला,सतना: शहर की जीवन ज्योति कॉलोनी में डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित 60 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला की प्रारंभिक जांच में डेंगू पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की पुष्टि के लिए परिवार के सदस्यों के रक्त नमूने लेकर एलाइजा जांच के लिए भेजे हैं। मृतका के परिवार के तीन अन्य सदस्यों को भी बुखार की शिकायत है।

जानकारी के अनुसार रामदुलारी चक्रवर्ती, पति राजाराम, को चार दिन पहले तेज बुखार होने पर जिला अस्पताल में डॉ. मनोज प्रजापति से उपचार कराया गया था। रक्त जांच में डेंगू पॉजिटिव आने के बाद उन्हें भर्ती कराने की सलाह दी गई थी। परिजनों ने उन्हें 16 अगस्त को प्रेम नर्सिंग होम में भर्ती कराया। अगले दिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने जबलपुर ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें जबलपुर ले जा रहे थे, तभी सिहोरा के पास रास्ते में उनकी मौत हो गई। जिसके बादअंतिम संस्कार किया गया।

परिवार के तीन सदस्य भी बीमार

रामदुलारी के अलावा उनकी दो बहुओं कविता (36) और बेबी (26) तथा नातिन अंकिता (17) को भी बुखार की शिकायत हुई। प्रारंभिक जांच में तीनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन लक्षणों को देखते हुए उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के कुल नौ सदस्यों के रक्त नमूने लेकर जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में एलाइजा जांच के लिए भेजे हैं। सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला के अनुसार बुधवार दोपहर तक जांच रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

एलाइजा जांच के लिए भेजे नमूने

सीएमएचओ ने बताया कि मृतका की पैथोलॉजी में रैपिड कार्ड से जांच की गई थी, जिसमें डेंगू पॉजिटिव आया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पुष्टि के लिए एलाइजा जांच कराई जा रही है। बताया गया कि पैथोलॉजी से मलेरिया विभाग को मरीज की सूचना नहीं मिल पाई थी।

फेफड़ों में पानी भरने से बढ़ सकती है गंभीरता

मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध जिला अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि गंभीर डेंगू में शरीर में तरल पदार्थ के असंतुलन के कारण फेफड़ों में पानी जमा होने (पल्मोनरी एडीमा) जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन का स्तर कम होना, रक्तस्राव, प्लेटलेट्स में गिरावट और अन्य अंगों पर असर पड़ने से स्थिति गंभीर हो सकती है। लगातार पांच से सात दिन तक बुखार रहने, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या रक्तस्राव जैसे लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है।

डेंगू कैसे होता है?

डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। यह मच्छर डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद दूसरे व्यक्ति को काटता है तो वायरस उसके शरीर में पहुंच सकता है। एडीज मच्छर आमतौर पर घरों के आसपास जमा साफ पानी में पनपता है। कूलर, गमले, टंकी, पुराने टायर, डिब्बे और अन्य ऐसे स्थानों में कई दिनों तक जमा पानी इसके प्रजनन का कारण बन सकता है। इसलिए पानी जमा नहीं होने देना, कूलर एवं पानी की टंकियों की नियमित सफाई करना और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है।

मलेरिया विभाग की टीम सक्रिय

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला मलेरिया विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम को जीवन ज्योति कॉलोनी भेजा गया। टीम द्वारा घर और आसपास के क्षेत्र में लार्वा सर्वे, लार्वा विनष्टीकरण तथा कीटनाशी छिड़काव की कार्रवाई की जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी शीला सोनकर ने बताया कि क्षेत्र में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जिला अस्पताल स्थित रीजनल डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच लैब का औचक निरीक्षण कर डेंगू जांच की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया।