Top
Home > राज्य > मध्यप्रदेश > ग्वालियर > ग्वालियर : शहर के बाहर बने नर्सिंग महाविद्यालयों के अस्पताल होंगे आईसोलेट

ग्वालियर : शहर के बाहर बने नर्सिंग महाविद्यालयों के अस्पताल होंगे आईसोलेट

करॉना वायरस के संबंध में कार्यशाला आयोजित

ग्वालियर : शहर के बाहर बने नर्सिंग महाविद्यालयों के अस्पताल होंगे आईसोलेट
X

ग्वालियर, न.सं.। करॉना वायरस के संदिग्ध मरीज को शहर के बाहर ही रखा जाए। इसके लिए शहर के बाहर बने नर्सिंग महाविद्यालयों के अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड बना दिया जाए। जिससे अगर कोई संदिग्ध मरीज आता भी है तो उसे शहर के बाहर ही रखा जाएगा। साथ ही शहर के कुछ निजी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में विदेशी छात्र पड़ रहे हैं। इसलिए विवि व महाविद्यालयों में भी निगरानी रखी जाए। यह निर्देश जिलाधीश अनुराग चौधरी ने बुधवार को करॉना वायरस के संबंध में आयोजित हुई कार्यशाला व बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए।

बैठक में जिलाधीश ने वायरस से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा भी की। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. एस.के. वर्मा ने बताया कि अगर कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उसकी जांच के लिए नमूने पुणे स्थित नेशनल वायरल इंस्टीट्यूट लैब में कोरियर के माध्यम से भेजा जाएगा। इस पर जिलाधीश नाराज हो गए और कहा कि यह कोरियर क्या होता है। मरीज का नमूना किसी व्यक्ति के द्वारा ट्रेन से भेजा जाए। इतना ही नहीं उन्होंने यह तक कहा कि आप की कोई तैयारी नहीं है। जिलाधीश ने सीएमएचओ डॉ. एस.के. वर्मा को निर्देश दिए कि करॉना वायरस को लेकर कोई भी आदेश जारी होता है तो पहले एडीएम किशोर कान्याल से चर्चा की जाए। वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजाबाबू सिंह ने कहा कि विभिन्न सिनेमाघरों के साथ ही अन्य प्रचार माध्यमों से भी करॉना वायरस से बचने के लिए क्या सावधानी आवश्यक है, इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। संभागायुक्त एम.बी. ओझा ने कहा कि करॉना वायरस से बचाव एवं सावधानियों पर सतत् निगरानी रखने की आवश्यकता है। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन भी किया जाए। जिसमें वायुसेना, रेलवे, पुलिस, आर्मी, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारियों को रखा जाए। टास्क फोर्स समिति की बैठक भी 15-15 दिन में की जाए। इसी तरह पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने कहा कि हवाई हड्डे पर एक नहीं तीन टीमों को लगाया जाए। हर टीम में कम से कम तीन सदस्यों को रखा जाए, जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों पर निगरानी रखी जा सके। इस मौके पर डीआरडीई के डॉ. पी.के. दास एवं चिकित्सकों ने भी वायरस के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विशेष रूप से जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा, सिविल सर्जन डॉ. डी.के. शर्मा, चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सक, आईएमए के चिकित्सक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

स्कूलों के लिए जारी किया जाए सर्कुलर

जिलाधीश ने कहा कि स्कूलों के लिए एक सर्कुलर जारी किया जाए। अगर कोई बच्चा बीमार है तो उसे स्कूल न भेजा जाए। साथ ही मास्क लगाने के निर्देश भी दिए जाएं। ऐसे होटल जहां विदेशी रुकते हैं, उन पर भी निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही होटलों को आदेश जारी करते हुए कहा जाएगा कि अगर उनके यहां कोई विदेशी आता है तो उसकी पूरी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

विमानतल व रेलवे स्टेशन पर हो विशेष निगरानी

राजाबाबू सिंह ने बताया कि पिछले दिनों जो कोरोना वायरस का जो मरीज सामने आया है, उसमें से एक मरीज इटली से भारत आया था और इंदौर विमानतल पर उतरा था। लेकिन उसकी स्क्रीनिंग नहीं हो सकी। जिसको लेकर मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती ने भी गत दिवस नाराजगी व्यक्त की है। इसलिए विमानतल एवं रेलवे स्टेशन पर सतत् निगरानी रखी जाए।

होली पर न मिलाएं हाथ, करें नमस्ते

कार्यशाला में संभागायुक्त एम.बी. ओझा ने कहा कि करॉना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। आगामी दिनों में होली का त्यौहार है। त्यौहार आमजन पूर्ण हर्षोल्लास के साथ परंपरागत रूप से मनाएं। होली पर लोगों से हाथ और गले न लगें, नमस्ते करके बधाई दें। उन्होंने त्यौहार के दौरान भी वायरस से बचाव के लिए क्या-क्या सावधानियां आवश्यक हैं, इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कराने के निर्देश दिए।

वायरस से डरे नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी

कार्यशाला में सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने वायरस के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानियां आवश्यक है। जिला प्रशासन के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा करॉना वायरस से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। अस्पतालों में अलग से वार्ड भी बनाए गए हैं।

Updated : 5 March 2020 7:43 AM GMT
Tags:    

स्वदेश वेब डेस्क

Swadesh Digital contributor help bring you the latest article around you


Next Story
Share it
Top