सेमी हाईस्पीड ट्रेन के लिए अपग्रेड हो रहा है ट्रैक

ग्वालियर। दिल्ली-झांसी ट्रैक व्यस्ततम रूटों में से एक है। इस रूट पर यात्रियों विशेषकर पर्यटकों की सुविधा के लिए अप्रैल 2016 में दिल्ली-झांसी के बीच सप्ताह में छह दिन (शुक्रवार को छोड़कर) देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस की शुरूआत की गई थी। इसके लिए वर्ष 2015 में दिल्ली-आगरा के बीच ट्रैक को सेमी हाईस्पीड ट्रेन के संचालन के योग्य बनाया गया था। कई कर्व को ठीक करने के साथ सिग्नल व ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन को ठीक किया गया था। अब दिल्ली से भोपाल के बीच सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी है। इसके चलते दिल्ली-आगरा और आगरा-झांसी के बीच ट्रैक को इस योग्य बनाया जा रहा है कि उस पर 200 कि.मी. प्रति घण्टे की गति से ट्रेन दौड़ सके। बताया गया है कि आगरा-दिल्ली के बीच जल्द ही 200 कि.मी. प्रति घण्टे की गति से ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। देश के पहले सेमी हाईस्पीड ट्रैक को हाईस्पीड ट्रैक में बदलने के लिए ट्रैक को अपग्रेड किया जा रहा है। कई चरणों में यह काम होना है। अभी इस ट्रैक पर करीब 160 कि.मी. प्रति घण्टे की गति से गतिमान एक्सप्रेस चलती है।
शताब्दी की जगह ले सकती है टी-18 ट्रेन
जल्द ही नई दिल्ली-भोपाल के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस की जगह टी-18 नाम की ट्रेन ले सकती है। बताया गया है कि यह पूरी ट्रेन वातानुकूलित होगी, साथ ही इसमें 16 चेयरकार कोच होंगे, जिसमें दो कोच एग्जीक्यिूटिव क्लास और 14 नॉन-एग्जीक्यूविट क्लास के होंगे। सूत्रों की मानें तो टी-18 ट्रेन की टेस्टिंग अक्टूबर से शुरू होगी और यह सेमी हाईस्पीड ट्रेन होगी, जो दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेगी।
60 प्रतिशत बन चुकी है दीवार
दिल्ली-आगरा के बीच गतिमान एक्सप्रेस अप्रैल 2016 में शुरू हुई थी। यह ट्रेन करीब 160 कि.मी. प्रति घण्टे की गति से चलती है। रेलवे लाइन पर जानवरों व लोगों को रोकने के लिए ट्रैक के किनारे दीवार बनाने का निर्णय हुआ था। रेलवे ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए उसके किनारे दीवार बनाई जा रही है। इसका काम करीब 60 प्रतिशत तक हो चुका है।
आगरा-पलवल के बीच हो रहा है काम
उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल द्वारा आगरा-पलवल के बीच ट्रैक को अपग्रेड किया जा रहा है। यह काम कई चरणों में किया जाएगा। एक भाग में काम होने के बाद ट्रैक को चैक किया जाता है। इसमें ट्रैक, ओएचई, सिग्नल आदि अपग्रेड किए जा रहे हैं।
