शिक्षकों को ई-अटेंडेंस लगाने के लिए हर माह मिलेंगे 100 रुपए

शिक्षा विभाग के शिक्षक, अध्यापक और कर्मचारियों ने एक जुलाई से ई-अटेंडेंस लगाना शुरू कर दिया है।

ई-अटेंडेंस के अलावा रजिस्टर में लगानी पड़ रही है हाजिरी

गांव एवं कस्बों में आ रही है समस्या

ग्वालियर | शिक्षा विभाग के शिक्षक, अध्यापक और कर्मचारियों ने एक जुलाई से ई-अटेंडेंस लगाना शुरू कर दिया है। इन शिक्षकों के लिए खुशखबरी यह है कि प्रदेश सरकार अगस्त माह से ई-अटेंडेंस के नेट के लिए प्रत्येक शिक्षक, अध्यापक और कर्मचारी को 100 रुपए अलग से प्रदान करने जा रही है। वहीं वर्तमान समस्या के चलते शिक्षक, अध्यापक और कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस के अलावा स्कूल के हाजिरी रजिस्टर में भी हाजिरी लगाना पड़ रही है। मतलब यह कि एक व्यक्ति को एक दिन मेें दो-दो जगह हाजिरी लगानी पड़ रही है। ई-अटेंडेंस शुरू होने के बाद से शिक्षकों पर नेट पैक और मोबाइल का भी अतिरिक्त खर्चा आ रहा है जिसको लेकर शिक्षक फिलहाल चिंतित हैं। वहीं ई-अटेंडेंस को लेकर नेट की समस्या के चलते गांव और कस्बों की हालत बहुत खराब है।

उल्लेखनीय है कि एक जुलाई से प्रदेश सहित ग्वालियर में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस व्यवस्था के लागू होने से शिक्षकों, अध्यापकों और कर्मचारियों को स्मार्ट फोन से हाजिरी लगानी पड़ रही है। ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों पर स्मार्ट फोन एवं नेट पेक (150 से 200 रुपए प्रतिमाह) का अतिरिक्त खर्चा भी आ रहा है।सफल नहीं हो पा रही है ई-अटेंडेंस व्यवस्था: शहर में ई-अटेंडेंस व्यवस्था पूर्ण रूप से सफल नहीं हो पा रही है। कई बार नेट व्यवस्था पूर्ण रूप से नहीं मिलने के कारण शिक्षक हाजिरी ही नहीं लगा पा रहे हैं। कहीं यह हो रहा है कि शिक्षक छुट्टी पर है उसकी हाजिरी अपने आप लग रही है।

कई बार हाजिरी भेजने पर भी यह शो नहीं हो रही है। इसी के साथ सर्वर आदि की समस्या भी आ रही है। शिक्षकों की राय के अनुसार यह व्यवस्था पूर्ण रूप से असफल साबित हो रही है। घट रही है ई-अटेंडेंस:- ई-अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था धीरे-धीरे घटती जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब 60 प्रतिशत शिक्षक ही ई-अटेंडेंस से हाजिरी लगा रहे हैं। गांव व कस्बों में यह व्यवस्था पूर्ण रूप से असफल साबित हो रही है। यहां का प्रतिशत देखा जाए तो यहां ई-अटेंडेंस से दस प्रतिशत भी हाजिरी नहीं लग रही है।

इनका कहना है

'ई-अटेंडेंस मोबाइल और हाजिरी रजिस्टर दोनों में ही लगानी होगी। हाजिरी नहीं लगने पर वेतन काटे जाने का प्रावधान है। रही बात ई-अटेंडेंस के लिए अतिरिक्त पैसे देने की तो इसकी जानकारी मेरे पास नहीं है।

डॉ. आरएन नीखरा

जिला शिक्षा अधिकारी

'ई-अटेंडेंस व्यवस्था जब से शुरू हुई तब से बहुत परेशानी आ रही है। ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षा विभाग 16 जुलाई से प्रशिक्षण देने जा रहा है। अगले माह से सरकार ई-अटेंडेंस प्रत्येक शिक्षक को 100 रुपए देने जा रही है। इसके आदेश जारी हो गए हैं।

सुरेन्द्र सिंह भदौरिय

प्रदेश मंत्री, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ


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