जयारोग्य अस्पताल में लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला फिर आया सामने
ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल में लापरवाही और संवेदनहीनता का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अस्पताल की व्यवस्थाएं कितनी चुस्त-दुरूस्त हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर मरीजों को वार्ड बॉय का सहयोग तो दूर स्टेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। मरीज के परिजनों को स्वयं ही किसी भी तरह अपने मरीज को ले जाना पड़ता है। जिसका एक मामला शुक्रवार को फिर से सामने आया, जब ट्रॉमा सेन्टर में भर्ती वृद्ध महिला के परिजन एम्बुलेंस तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर मांगते रहे और करीब आधे घंटे तक परेशान होने के बाद जब उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला तो मजबूरन महिला को कम्बल में उठा कर ले जाना पड़ा। इस दौरान यहां के जिम्मेदार लोग यह सारा माजरा मूकदर्शक बने देखते रहें, लेकिन उन्हें दया नहीं आई। छीमक निवासी वृद्ध महिला मीराबाई का पैर टूट गया था, जिसके उपचार के लिए वह विगत दिनों ट्रॉमा सेन्टर में भर्ती हुईं थीं। भर्ती के दौरान शुक्रवार को चिकित्सकों ने मीराबाई की छुट्टी कर दी, जबकि महिला का पैर ठीक नहीं हुआ था। छुट्टी के बाद परिजन स्टे्रचर मांगने के लिए बाहर गए तो उन्हें कैजुअल्टी में जाने के लिए कहा और जब कैजुअल्टी पहुंचे तो स्टे्रचर उपलब्ध नहीं हो सका।
