एस-3 का राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन बौद्ध आगरा से गिरफ्तार

एस-3 का राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन बौद्ध आगरा से गिरफ्तार
X
क्राइम ब्रांच ने आगरा से किया गिरफ्तार

ग्वालियर। देश विरोधी बयानबाजी कर युवाओं को भडक़ाने वाले एस-3 (सम्यक समाज संघ ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन बौद्ध को क्राइम ब्रांच पुलिस की टीम ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। लाखन दिल्ली भागने की तैयारी कर रहा था तभी वह पुलिस के हाथ आ गया। लाखन पर दो अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में 18 मामले पंजीबद्ध हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया है।

लाखन बौद्ध ने दो अप्रैल को ग्वालियर शहर में हिंसा, तोडफ़ोड़ और मारपीट के लिए युवाओं को उकसाया था। एस-3 (सम्यक समाज संघ ) के नाम से संस्था चलाने वाले लाखन बौद्ध पर मुरार और थाटीपुर थाने में हत्या के प्रयास, शासकीय सम्पत्ति का नुकसान और भडक़ाऊ भाषण देने की धाराओं के तहत मामले पंजीबद्ध हैं। दो अप्रैल के बाद से लाखन बौद्ध शहर से फरार था और एक बार फिर शहर में दो अप्रैल जैसी हिंसा फैलाने की तैयारी कर रहा था। सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्टों के बाद क्राइम ब्रांच को उसे पकडऩे की जिम्मेदरी सौंपी गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी करता रहा देश विरोधी बातें

पुलिस की गिरफ्त में आए देशद्रोही बातें करने वाले लाखन बौद्ध के तेवर अभी भी ढीले नहीं पड़े हैं। दिव्यांग लाखन बौद्ध सीना ठोककर कह रहा था कि आंदोलन किया है और आंदोलन करुंगा। लाखन बौद्ध की हिन्दू विरोधी बातों को सुनकर पुलिस भी हैरान थी। वह पुलिस के सामने कह रहा था कि भारत को हिन्दू राष्ट्र नहीं बनने देना है। बौद्ध राष्ट्र बनाना है।

नौ अगस्त की कर रहा था तैयारी

सोशल मीडिया के माध्यम से लाखन बौद्ध पुलिस और राज्य सरकार को चेतावनी दे रहा था कि एक बार फिर दो अप्रैल जैसे आंदोलन के लिए पुलिस तैयार रहे। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर ९ अगस्त को भारत बंद का आव्हान किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ पोस्ट लगातार डाली जा रही थीं। जैसे ही प्रशासन को इसकी खबर लगी तो वह सतर्क हो गया और उसने लाखन बौद्ध को पकडऩे की तैयारी शुरू कर दी। लाखन बौद्ध ही युवाओं को भडक़ाने का काम कराता है। इसने दो अप्रैल के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। लगातार बस्तियों में जाकर लोगों से सम्पर्क कर उन्हे दंगे कराने के लिए तैयार किया था।

18 मामलों का आरोपी है लाखन

दो अप्रैल को मुरार और थाटीपुर थानों में सबसे ज्यादा दंगे के मामले दर्ज किए गए थे। लाखन बौद्ध पर थाटीपुर थाने में 17 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, शासकीय सम्पत्ति से लेकर भडक़ाऊ भाषण देने के मामले शामिल हैं। मुरार थाने में एक मामला दर्ज है। पुलिस को चकमा देकर लाखन फरारी काट रहा था और लगातार चेतावनी भी दे रहा था।

आगरा में बौद्ध बस्तियों में कर रहा था प्रचार

लाखन बौद्ध आगरा में अपना डेरा जमाए था। उसका ठिकाना बौद्ध दलित बस्तियां थीं, जहां वह लोगों को राष्ट्र विरोधी बातें कर भडक़ाने का काम कर रहा था। पुलिस के सामने वह खुलेआम कह रहा था कि भारत को हिन्दू राष्ट्र नहीं बनने देना है। पुलिस उसके तेवरों से हैरान थी। आगरा में लाखन कई दिनों से डेरा डाले था।

17 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा

क्राइम ब्रांच ने लाखन बौद्ध को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 17 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

दो अप्रैल की हिंसा में हुआ था करोड़ों का नुकसान

दो अप्रैल को थाटीपुर, गोदाम बस्ती, साठ फुटा रोड, भीम बस्ती, सुरेश नगर, नदीपार टाल और मुरार क्षेत्र में सबसे ज्यादा हिंसा और तोडफ़ोड़ हुई थी। शहर के इतिहास में यह पहली बार हुआ था, जब इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगाना पड़ा था। करोड़ों रुपए का शहर में नुकसान हुआ था। जनजीवन एक पखवाड़ा के बाद ही सामान्य हो सका था।

नौ अगस्त बंद की अफवाह न फैलाएं

पुलिस ने नौ अगस्त को बंद के आव्हान की सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाह फैलाने वालों को आगाह किया है। पुलिस व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

Tags

Next Story