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गुड्स शेड की तस्वीर बदलेगा रेलवे, मंडल ने कमाए 66 करोड़

रेलवे ने माल भाड़े से आय बढ़ाने के लिए व्यापारियों को किया एकजुट

गुड्स शेड की तस्वीर बदलेगा रेलवे, मंडल ने कमाए 66 करोड़
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ग्वालियर, न.सं.। कोरोना काल में ट्रेनों के संचालन न हो पाने से रेलवे को काफी नुकसान हुआ है। इस नुकसान को पूरा करने के लिए रेलवे ने अलग ही रणनीति तैयार की है। इसके चलते रेलवे ने माल लदान को दोगुना करके कमाई बढ़ाने का तरीका निकाला है। अब रेलवे ने माल ढुलाई के साथ-साथ आमदनी बढ़ाने के लिए गुड्स शेड की तस्वीर बदलने के लिए पूरी तरह से तैयारी कर ली है।

उधर झांसी मंडल ने मालगाड़ी परिचालन, माल लदान व राजस्व अर्जन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। झांसी मंडल ने जून माह में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रिकॉर्ड तोड़कर औसतन 374 वैगन प्रतिदिन लदान का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इससे पहले सर्वाधिक लदान का औसत 366 वैगन प्रतिदिन माह जुलाई 2019 में रहा था। माल परिवहन से मंडल ने जून माह में 66.30 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था, जो पिछले वर्ष जून माह में प्राप्त राजस्व 56.49 करोड़ से 17.36 अधिक रहा। मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 68 ट्रेन टर्मिनेट हुई, जिसमें शहरों से चलकर ग्वालियर में 12 ट्रेनें टर्मिनेट हुईं।

मंडल में होती है पांच सौ करोड़ की आय

रेल मंडल को माल यातायात से हर साल पांच सौ करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। इसमेें कबरई, बिजौली, शनिचरा, भरतकूप, सिंहपुर ढुमरा स्टेशन साइडिंग से गिट्टी, ललितपुर, डबरा, दतिया स्टेशन साइडिंग से गेहूं व डायमंड सीमेंट की सबसे ज्यादा लदान होती है। रसूलपुरा गोगामाई साइडिंग से पेट्रोल, डीजल व केरोसिन भेजा जाता है।

माल भाड़े में रियायत देने का फैसला

इस दौरान मिले फीडबैक के आधार पर स्थानीय मंडल स्तर पर माल भाड़े में रियायत देने का फैसला किया गया है। यह अधिकार महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है, जो रेलवे के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे निर्णय ले सकते हैं। भाड़े में डिस्काउंट की सीमा 30 फीसदी तक हो सकती है, लेकिन इस तरह के फैसले ढुलाई बढ़ाने के मकसद से लिया जाएगा।

गुड्स शेड में होंगी सभी सुविधाएं

-गुड्स शेड शनिचरा, भीमसेन, डायमंड सीमेंट, दतिया मालगोदाम, डबरा, मुरैना, आईसीडी मालनपुर, रायरू, में हिंदुस्तान पेट्रोलियम साइडिंग की रेक आती है।

-इन सभी गुड्स शेड व साइडिंग तक पहुंचने के लिए अप्रोच रोड आदि को बेहतर करने तथा शेड के अंतर्गत बिजली, पानी एवं ग्राहकों और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की रेलवे पूरी कोशिश करेगा।

-फूड ग्रेन लदान में भी अब तक के सर्वाधिक 63 रैक का लदान मंडल से जून माह में हुआ। पिछला सर्वाधिक रिकॉर्ड 41 रैक का था जो की जुलाई 2017 में रहा।

-22 जून को एक दिन में 595 वैगन के लदान से सर्वाधिक राजस्व 25402128 रुपए प्राप्त हुआ। पिछली बार का सर्वाधिक राजस्व 581 वैगन के लदान से 19 दिसम्बर 2019 को हुआ था।

इनका कहना है

व्यापारियों से चर्चा कर रहे हैं। कम दूरी के माल के लिए भी अब छूट दी जा रही है। व्यापारियों को परेशानी न हो इसके लिए हमने एक समिति बनाई है। जिससे उनकी समस्याओं का निराकरण किया जा सके।

मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी रेलवे मंडल

Updated : 22 July 2020 1:00 AM GMT

स्वदेश वेब डेस्क

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