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पुलिसवालों के बेटे ही निकले लुटेरे, गिरफ्तार

सिरोल पुलिस ने मोटर साइकिल और नगदी लूटकर भागे बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिसवालों के बेटे ही निकले लुटेरे, गिरफ्तार
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दोस्त के साथ मिलकर युवक से मोटर साइकिल व नगदी लूटी थी

ग्वालियर | सिरोल पुलिस ने मोटर साइकिल और नगदी लूटकर भागे बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों में सेवानिवृत हवलदार और आरक्षक का बेटा है। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से लूटी हुई मोटर साइकिल और नगदी बरामद कर ली है। महाराजपुरा नगर पुलिस अधीक्षक देेवेन्द्र कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जुलाई को सिरोल थाना क्षेत्र में विवेकानंद नीडम के पास मोहन गिरी से बदमाशों ने मोटर साइकिल और नगदी लूट ली थी। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी, जिस मोटर साइकिल से बदमाशों ने लूटपाट की थी उसका नम्बर का पता चलते ही पुलिस बदमाशों के ठिकानों तक पहुंच गई।

पुलिस ने मोहन को लूटने वाले गोविंद पुत्र सुखवीर राजावत निवासी 13 बटालियन सिकंदर कम्पू, मयंक पुत्र महेश चतुर्वेदी निवासी आपागंज और देवेन्द्र उर्फ गोलू उर्फ लुसेंट पुत्र आलोक चौहान निवासी सिंधी कॉलोनी को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि गोविंद पुलिस से सेवानिवृत्त हवलदार सुखबीर राजावत का बेटा है जबकि देवेन्द्र एसएएफ आरक्षक आलोक चौहान का बेटा उनकी इस समय गनर की डयूटी लगी हुई है। जबकि मयंक के पिताजी पाण्डित्य कार्य करते हैं। मयंक और देवेन्द्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने तीनों बदमाशों से लूटी गई मोटर साइकिल और तीन हजार रुपए बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने मयंक व देवेन्द्र को रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ प्रारंभ कर दी है।

गोविंद नहीं दे सका पूरक परीक्षा:-बताया गया है कि लुटेरा गोविंद काफी शातिर है और वह 12वीं कक्षा का छात्र है। उसकी बारहवीं में पूरक आई थी, 3 जुलाई को गोविंद की पूरक परीक्षा थी। लेकिन लूटपाट करने के बाद वह अपने साथियों के साथ फरारी काट रहा था। पुलिस को बदमाशों की करतूत पता चल चुकी थी इसलिए वह घर से बाहर भागता फिर रहा था। गोविंद पहले भी कम्पू थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट में पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है। लूटी मोटर साइकिल से पीताम्बरा जाकर किए दर्शन:-तीनों लुटेरे मोटर साइकिल लूटने के बाद दतिया पहुंचे, यहां पर उन्होंने पहले मां पीताम्बरा के दर्शन किए उसके बाद मौजमस्ती करते हुए शिवपुरी निकल गए।

एक दिन शिवुपरी में घूमने के बाद परिजनों को उनकी करतूत का पता चल जाने पर उन्हें वापस बुलाया गया। मौजमस्ती के दौरान लूटे गए सात हजार में से 4 हजार रुपए उड़ा दिए। परिजन मेहनत करा पढ़ा रहे लुटेरों को :-सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मयंक को उसके पिता मेहनत कर पढ़ाई करा रहे हैं। जबकि गोविंद के पिता पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद गांव कल्हार मालवनी पिछोर शिवपुरी में रहकर खेती करके पढ़ा रहे हैं। तो वहीं देवेन्द्र के पिता आरक्षक होने के बाद उसकी देखभाल पर काफी पैसा वहन कर रहे हैं।


Updated : 2018-07-06T19:22:28+05:30

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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