उत्तीर्ण के बाद थमाई अनुत्तीर्ण की अंकसूची

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा की गई गलती का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को देखने में आया। विवि ने पहले छात्रा को गोपनीय रिजल्ट में पास कर दिया, जिसके बल पर छात्रा ने दूसरे कॉलेज में अपना प्रवेश करा लिया, लेकिन जब उसकी मार्कशीट बनकर आई तो पता चला कि एग्रीगेट पूरा न होने के कारण वह अनुत्तीर्ण है। अपनी समस्या को लेकर छात्रा आज दिन भर रोती हुई इधर से उधर घूमती रही, लेकिन विवि प्रबंधन ने उसकी गलती बताते हुए उससे जाने के लिए बोल दिया ।
महाराजा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड टेक्नोलॉजी से बीबीए करने वाली छात्रा भारती यादव ने छटवें सेमेस्टर की परीक्षा जून 2018 में दी। भारती के चतुर्थ सेमेस्टर में एटीकेटी होने के कारण छटवें सेमेस्टर का रिजल्ट विथ हेल्ड में डाल दिया। जब उसने चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा पास कर ली और उसने अपने छटवें सेमेस्टर का गोपनीय रिजल्ट निकालवाकर दूसरे कॉलेज में एमबीए में एडमिशन ले लिया। जब उसकी मार्कशीट बनकर आई तो पता चला कि वह छटवें सेमेस्टर में फेल है। जब इसकी जानकारी लेने वह मंगलवार को विवि पहुंची तो पता चला कि बीबीए में 150 अंक आने पर एग्रीकेट पूरा होता है और तभी छात्र पास होता है, लेकिन छात्र को 148 अंक देकर गोपनीय रिजल्ट में पास कर दिया था, जिसके आधार पर छात्रा ने एडमिशन ले लिया और अपनी फीस भी जमा कर दी। जब वह आज मदद की गुहार लगाने रोती-बिलखती विवि अधिकारियों के पास पहुंची, तब भी किसी अधिकारी ने उसकी मदद नहीं की। आखिर छात्रा को निराश होकर वापस जाना पड़ा।
