घायल तेंदुए के प्रदर्शन का आरोप, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान को भेजा नोटिस

घायल तेंदुए के प्रदर्शन का आरोप, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान को भेजा नोटिस
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आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने लगाई याचिका, गाँधी प्राणी उद्यान प्रबंधन का आरोपों से इंकार, CZA ने रिकॉर्ड मंगाया दिल्ली

ग्वालियर। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे की याचिका पर नगर निगम आयुक्त ग्वालियर को नोटिस जारी किया गया है। याचिका में अजय दुबे द्वारा आरोप लगाया गया हैं कि ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान प्रबंधन घायल तेंदुए का प्रदर्शन कर रहा है जो नियमानुसार गलत है। ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान ने तेंदुए के प्रदर्शन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।


ग्वालियर की गेम रेन्ज घाटीगांव सोन चिड़िया अभ्यारण्य में बीती 31 मई को एक नर तेंदुआ कुएं में गिर गया था जिसके बाद वन विभाग के लिखित अनुरोध पर ग्वालियर नगर निगम द्वारा संचालित गांधी प्राणी उद्यान( चिड़ियाघर ) के स्टाफ ने उसे रेस्क्यू किया। तेंदुए को सुरक्षित कुएं से बाहर निकालने के बाद जब चिकित्सकों ने उनका परीक्षण किया तो देखा कि उसके पैरों के तीन पंजे कटे हुए थे और वो बुरी तरह घायल था। गाँधी प्राणी उद्यान के चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक इलाज किया। लेकिन तेंदुए की गंभीर हालत को देखते हुए वन मंडलाधिकारी ने चिड़ियाघर में ही रख कर उसका इलाज करने के निर्देश दिए। चिड़ियाघर प्रबंधन की माने तो वनमंडलाधिकारी के निर्देश के बाद तेंदुए के उपचार शुरू किया गया और उसकी पहली सूचना 01 जून को वन मंडलाधिकारी को दी गई इसके साथ ही 01 जून को ही इस सम्बन्ध में लिखित सूचना केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली को पत्र भेजकर दी गई और 02 जून को ईमेल द्वारा साथ ही स्पीड पोस्ट द्वारा भी इसकी जानकारी भेजी गई। इसके बाद चिड़ियाघर प्रबंधन तेंदुए के स्वस्थ होने की सूचना लगातार वन विभाग के आला अधिकारियों को देता रहे। चिड़ियाघर प्रबंधन ने तेंदुए के स्वास्थ लाभ की रिपोर्ट बनाकर 16 जुलाई को प्रधान मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक भोपाल को इसकी सूचना भेजी। पत्र में चिड़ियाघर प्रबंधन ने कहा कि तेंदुआ स्वस्थ है लेकिन अभी तक पंजे पूरी तरह ठीक नहीं हुए है इसलिए इसे जंगल में नहीं छोड़ा सकता इसलिए इसे रेस्क्यू सेंटर में छोड़े जाने की अनुमति दी जाए। इस पत्र के बाद भी चिड़ियाघर प्रबंधन उसका लगातार इलाज कर रहा है।

इसी बीच आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने एक याचिका केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली में लगाईं। याचिका में अजय दुबे ने आरोप लगाए कि ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान घायल तेंदुए को डिस्प्ले कर रहा है। याचिका में अजय दुबे ने अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने ग्वालियर नगर निगम आयुक्त और मप्र शासन को नोटिस जारी कर जवाब माँगा। नोटिस मिलने की बात का जवाब देते हुए गांधी प्राणी उद्यान प्रभारी और तेंदुए का इलाज कर रहे डॉ उपेंद्र यादव का कहना है कि तेंदुए के डिस्प्ले की बात पूरी तरह असत्य है। वो अभी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। उसके लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है , जिसकी पूरी जानकारी समय समय पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को दी जा रही है।

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