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स्टेशन पर कोई भी अधिकारी आए जाए, सफाई व्यवस्था नहीं सुधरेगी

स्टेशन पर कोई भी अधिकारी आए जाए, सफाई व्यवस्था नहीं सुधरेगी
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स्टेशन पर लग रहा स्वच्छता अभियान को पलीता, ठेकेदार नहीं करा पा रहे सफाई कर्मचारियों से काम

ग्वालियर, न.सं.

रेलवे द्वारा जहां देश भर में स्टेशनों को साफ सुधरा रखने के लिए स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है वहीं ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार की लापरवाही से इस अभियान को पलीता लग रहा है। प्लेटफार्म, आरक्षण कार्यालय और सर्कुलेटिंग एरिया सभी जगह गंदगी पसरी नजर आ रही है। प्लेटफार्म पर पानी पीने के लिए लगे नलों के नीचे जहां गंदगी पसरी पड़ी है वहीं कचरेदानों के बाहर भी कचरा फैला नजर आ रहा है। प्लेटफार्म पर पसरी गंदगी के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे द्वारा साफ-सफाई के लिए प्रतिमाह लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी रेलवे स्टेशन पर गंदगी की समस्या से निजात नहीं मिल रही है, जबकि रेलवे स्टेशन पर आए दिन प्रदेश व केन्द्र सरकार के मंत्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बाद भी साफ-सफाई के मामले में रेलवे स्टेशन फिसड्डी होता जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर जब भी कोई बड़ा आला अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है तो स्टेशन का कौना-कौना चमका दिया जाता है, लेकिन अधिकारियों के पीठ फेरते ही सफाई व्यवस्था सुस्त हो जाती है और गंदगी पैर पसारने लगती है।

स्टेशन पर सफाई व्यवस्था के लिए जहां सफाई कर्मचारियों की लम्बी-चौड़ी फौज है वहीं सफाई के लिए आधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं, लेकिन उसके बाद भी हर पल गंदगी पसरी नजर आ रही है। रेलवे के आला अधिकारी भी सफाई व्यवस्था का जिम्मा उठाने वाले सीएचआई को दिशा निर्देश देकर अपनी ड्यूटी निभा लेते हैं। सुस्त सफाई व्यवस्था के चलते रेलवे स्टेशन बेहतर स्टेशनों में शामिल नहीं हो पा रहा है और न ही सफाई व्यवस्था को लेकर रेलवे प्रबंधन गंभीर नजर आ रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी के आने पर ही दिखते हैं सफाई कर्मचारी

रेलवे के किसी बड़े अधिकारी के आने की सूचना मिलने के बाद ही रेलवे प्रशासन प्लेटफार्म पर साफ-सफाई में लग जाता है। जिस दिन अधिकारी पहुंचते हैं, उस दिन स्टेशन परिसर साफ-सुथरा और चमकता हुआ नजर आता है। अधिकारियों के जाने के बाद फिर वही हाल हो जाता है।

प्लेटफार्म नम्बर दो व तीन पर सबसे ज्यादा गंदगी: साफ-सफाई के मामले में स्टेशन के सभी प्लेटफार्म फिसड्डी हंै। सबसे ज्यादा गंदगी रेलवे स्टेशन के सैलून साइडिंग और प्लेटफार्म क्रमांक दो व तीन पर पसरी हुई है, जिस पर न तो सफाई कर्मचारियों की निगाह जाती है और न ही सीएचआई की।

नींद में है रेलवे प्रशासन: रेलवे प्रशासन लाख दावे कर ले स्टेशन की स्थिति को सुधारने की, लेकिन उनके दावे खोखले ही नजर आते हैं। स्टेशन पर प्लेटफार्मों पर हर तरफ गंदगी फैली हुई है। रेलवे प्रशासन का दावा है कि वह स्टेशन को साफ-सुथरा रखने के लिए हर प्रयास कर रहा है, लेकिन स्टेशन के प्लेटफार्मों पर फैली गंदगी रेलवे प्रशासन की पोल खोल रही है। स्टेशन पर गंदगी को लेकर कई बार मुहिम छेड़ी जा चुकी है, लेकिन कुछ समय बीतने के बाद वही पुराना हाल हो जाता है।

अधिकारियों के आगे-पीछे रहते हैं सफाई कर्मचारी: स्टेशन पर जब भी बड़े अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं तो सीएचआई अपने सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों के आगे चलने के निर्देश देते हैं और जहां पर भी गंदगी दिखती है तो वह अधिकारियों से पहले ही उसे साफ कर देते हैं।

रोज नहीं होती सफाई

सफाई कर्मचारियों की फौज के बावजूद प्याऊ की रोज सफाई नहीं की जाती है।

स्टेशन व सर्कुलेटिंग एरिया में बने मूत्रालयों का भी यही हाल है।

स्टेशन पर सफाई कर्मचारी सिर्फ प्लेटफार्म क्रमांक एक पर दिखाई देते हैं।

सफाई ठेकेदार अपने कर्मचारियों से काम नहीं करवा पा रहे हैं।

नरक बना सर्कुलेटिंग एरिया

स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में बने शौचालयों की हालत यह है कि वहां महीनों से सफाई नहीं हुई है, जबकि बीते कुछ दिनों पहले झांसी मंडल के सीनियर डीसीएम विपिन कुमार सिंह ने खुद खड़े होकर वहां पर सफाई कर्मचारियों से साफ-सफाई कराई थी। रेलवे स्टेशन पर जब भी सीनियर डीसीएम निरीक्षण के लिए आए हैं, उस समय वह सबसे ज्यादा गंदगी को लेकर नाराज हुए हैं।

Updated : 2019-02-10T19:07:55+05:30

Naveen

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